
जालंधरः फिल्लौर क्षेत्र के गांव भैणी निवासी 30 वर्षीय युवक राकेश कुमार को विदेश भेजने के नाम पर एजेंटों के माध्यम से लाखों रुपये खर्च करने के बाद कथित तौर पर केन्या में एक गैंग द्वारा बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि गैंग ने राकेश और उसके दो अन्य पंजाबी साथियों को बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की तथा राकेश को छोड़ने के बदले 70 हजार अमेरिकी डॉलर की फिरौती मांगी है। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से मामले में सख्त कार्रवाई करने और राकेश को सुरक्षित भारत वापस लाने की मांग की है।
पीड़ित राकेश कुमार के पिता कश्मीर लाल ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे के बेहतर भविष्य के लिए उसे विदेश भेजने का फैसला किया था। इसके लिए उन्होंने इटली में रहने वाले परमजीत सिंह और गांव भारसिंहपुर निवासी एक महिला से संपर्क किया था। कथित एजेंटों ने राकेश को इटली भेजने के लिए 9 लाख 50 हजार रुपये में सौदा तय किया था। उन्होंने बताया था कि पहले राकेश को केन्या भेजा जाएगा और वहां से इटली पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
कश्मीर लाल के अनुसार, बातचीत के बाद गांव भारसिंहपुर निवासी महिला के भाई को उसके गांव जाकर 2 लाख रुपये एडवांस दिए गए, जबकि बाकी रकम इटली पहुंचने के बाद देने की बात तय हुई थी। इसके बाद कथित एजेंटों ने 5 अगस्त को राकेश के लिए जयपुर से केन्या की फ्लाइट की व्यवस्था की, जिसमें दुबई में स्टॉपओवर था। परिवार का आरोप है कि केन्या पहुंचने के बाद राकेश और उसके दो अन्य पंजाबी साथियों को एक गैंग ने बंधक बना लिया। आरोप है कि 6 अगस्त को परिवार को WhatsApp पर राकेश के साथ मारपीट के वीडियो भेजे गए। इसके बाद फोन कर पांच घंटे के भीतर 70 हजार डॉलर देने की मांग की गई।
कश्मीर लाल ने बताया कि कथित अपहरणकर्ता खुद को ‘खान बाबा’ बता रहा था और पंजाबी में बात कर रहा था। बाद में उसने इंग्लिश में लगातार WhatsApp मैसेज भेजकर दावा किया कि राकेश इस समय युगांडा में है और उसे छुड़ाने के लिए 70 हजार डॉलर देने होंगे। परिवार के अनुसार, 7 अगस्त तक उनकी उक्त व्यक्ति से बातचीत हुई थी। उसने कथित तौर पर कहा कि उसे परमजीत सिंह से पैसे लेने हैं और यदि परमजीत उसे पैसे दे देता है तो राकेश को छोड़ दिया जाएगा।
परिवार का कहना है कि कथित ‘खान बाबा’ के WhatsApp मैसेज अभी भी आ रहे हैं। वहीं, जब उन्होंने परमजीत सिंह और उसके साथी से संपर्क किया तो उन्होंने राकेश को छुड़ाने का भरोसा दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि वे राकेश को इटली नहीं पहुंचा पाए तो परिवार के पैसे वापस कर दिए जाएंगे। हालांकि, परिवार के अनुसार अब परमजीत सिंह उनका फोन नहीं उठा रहा है।
मामले की जानकारी मिलने पर आम आदमी पार्टी के हलका फिल्लौर के पूर्व इंचार्ज प्रिंसिपल प्रेम कुमार भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाते हुए कहा कि राकेश को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए प्रयास किए जाएंगे और मामले में जिम्मेदार एजेंटों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करवाने के लिए प्रशासन के समक्ष मामला उठाया जाएगा। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन और सरकार से मामले की गंभीरता से जांच करने, कथित एजेंटों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा राकेश कुमार को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...