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Kisan Andolan: किसान नेता दल्लेवाल का आमरण अनशन 27वें दिन भी जारी, तबीयत नाजुक

December 22, 2024

Kisan Andolan: किसान नेता दल्लेवाल का आमरण अनशन 27वें दिन भी जारी, तबीयत नाजुक

खनौरी: सरकार द्वारा किए गए वादों को लागू करने की मांग को लेकर 26 नवंबर 2024 से भूख हड़ताल पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल का खनौरी बॉर्डर पर 27वें दिन भी धरना जारी है। डॉक्टरों की सलाह पर बिगड़ती सेहत के कारण दल्लेवाल आज मंच पर नहीं आए। लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने के कारण उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो गई है, जिससे संक्रमण का काफी खतरा है।

पिछली शाम कृषि मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष चरणजीत सिंह चन्नी ने दल्लेवाल से मुलाकात की और समिति की रिपोर्ट की प्रति सौंपी। चन्नी ने कहा कि रिपोर्ट सभी संसदीय सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से तैयार की गई है।

किसान नेताओं ने केंद्र सरकार से समिति की सिफारिशों को स्वीकार करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गारंटी कानून बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि देश में संसद सर्वोच्च है।

समिति की रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डाला गया है, जिनमें शामिल हैं:

1. कृषि मंत्रालय द्वारा कृषि बजट का कुप्रबंधन, जिसमें वित्त वर्ष के अंत में अप्रयुक्त धनराशि वित्त मंत्रालय को वापस कर दी जाती है।

2. पिछले कुछ वर्षों में कृषि बजट के प्रतिशत आवंटन में लगातार गिरावट।

3. 2016-17 से 2021-22 तक किसानों की आय में 57.6% की वृद्धि, लेकिन साथ ही खर्चों में 67.4% की वृद्धि, जिससे वित्तीय तनाव बढ़ रहा है।

4. ग्रामीण ऋण में 47.4% से 52% की वृद्धि।

5. रिपोर्ट में किसानों के पक्ष में प्रमुख सिफारिशें प्रस्तावित की गई हैं, जैसे:

6. किसानों के लिए ऋण राहत नीति तैयार करना।

7. कृषि उत्पादों के लिए आयात-निर्यात नीतियों का मसौदा तैयार करने से पहले किसानों से परामर्श करना।

8. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में सुधार करना।

9. बीज पर किसानों के अधिकार सुनिश्चित करना।

किसान नेताओं ने कहा कि उनकी टीम रिपोर्ट का गहन अध्ययन कर रही है और जल्द ही अपने विस्तृत विचार प्रस्तुत करेगी।

इस बीच, मध्य प्रदेश के इटारसी में बड़ी संख्या में किसानों ने दल्लेवाल के विरोध के साथ एकजुटता दिखाते हुए एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल की। ​​24 दिसंबर को उनकी भूख हड़ताल के समर्थन में शाम 5:30 बजे देशभर में कैंडल मार्च निकाला जाएगा और 26 दिसंबर को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक तहसील और जिला स्तर पर सांकेतिक भूख हड़ताल की जाएगी।

किसानों का आंदोलन तेज होता जा रहा है क्योंकि वे दल्लेवाल के पीछे लामबंद होते जा रहे हैं तथा सरकार से उनकी मांगों पर ध्यान देने और सार्थक सुधार लागू करने का आग्रह कर रहे हैं।

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