जालंधर: योग की दुनिया में ‘गुरुदेव’ के नाम से मशहूर योग गुरु मास्टर गुरबचन सिंह (83) नहीं रहे। 12 अगस्त को उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। गौरतलब है कि योग की शुरुआत जालंधर शहर में मास्टर गुरबचन सिंह के हाथों हुई थी। मास्टर गुरबचन सिंह जी ने 1970 के दशक में स्वामी राम प्यारा जी छेहरटा आश्रम से योग की बुनियादी शिक्षा शुरू की। इस दौरान जालंधर के बाबा लाल दयाल मंदिर, जंज घर अड्डा होशियारपुर और देवी तालाब मंदिर में असंख्य लोगों को योग से जोड़ा गया।
वर्तमान में आप जी के सैकड़ों शिष्य देश-विदेश में योग के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य प्रदान कर रहे हैं। इसी बीच कोट किशन चंद में एक योग आश्रम तैयार किया गया। उनके तीन बेटे सुरजीत सिंह, जतिंदर सिंह और हरविंदर सिंह डिवाइन योगा सेंटर जालंधर समेत देश-विदेश में योग शिक्षक के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं।
स्वर्गीय मास्टर गुरबचन सिंह नमित श्री सुखमनी साहिब जी का अंतिम भोग कल 19 अगस्त को दिव्य योग केंद्र, 99 कैलाश नगर में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया जाएगा। इसके बाद 2 से 3 बजे तक गुरुद्वारा सिंह सभा प्रीत नगर, सोढल रोड पर गुरबाणी कीर्तन और अंतिम अरदास होगी।