
पंजाब डेस्क: उत्तर रेलवे का फिरोजपुर मंडल हरित ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार नए कदम उठा रहा है। मंडल ने रेलवे स्टेशनों पर बड़े पैमाने पर रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्तमान में मंडल के 22 रेलवे स्टेशनों पर कुल 1,700.08 किलोवाट (1.70 मेगावाट) क्षमता के रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्र सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं।
जून में 63 हजार यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली का उत्पादन
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जून 2026 के दौरान इन सौर ऊर्जा संयंत्रों से 63,430 किलोवाट-घंटे स्वच्छ बिजली का उत्पादन हुआ। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में जून तक कुल 1,90,675 किलोवाट-घंटे बिजली का उत्पादन दर्ज किया गया है। इससे रेलवे की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है।
ऊर्जा बचत और कार्बन उत्सर्जन में आई कमी
रूफटॉप सौर ऊर्जा परियोजना के जरिए पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम हुई है। इससे बिजली खर्च में कमी आने के साथ ऊर्जा दक्षता में सुधार हुआ है और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिला है। यह पहल भारतीय रेल के स्वच्छ, हरित और टिकाऊ परिवहन प्रणाली के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है।
2026-27 में 1.15 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता जोड़ने का लक्ष्य
फिरोजपुर मंडल ने नवीकरणीय ऊर्जा अवसंरचना को और मजबूत करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1.15 मेगावाट अतिरिक्त रूफटॉप सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। रेलवे का मानना है कि यह पहल भारतीय रेल के नेट-ज़ीरो कार्बन मिशन को गति देने के साथ-साथ भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पर्यावरण अनुकूल तरीके से पूरा करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
📍 Location: Amritsar (Amritsar)
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