
जालंधर: श्री गुरु रविदास महाराज जी के 650वें प्रकाश पर्व को लेकर पंजाब सरकार ने बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में संत बाबा भाग सिंह यूनिवर्सिटी में ‘श्री गुरु रविदास महाराज जी की बाणी और सामाजिक बराबरी’ विषय पर विशेष सेमिनार आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में पंजाब के जेल, NRI और पार्लियामेंट्री अफेयर्स मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार श्री गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व भव्य तरीके से मनाएगी। इसके लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये का बजट रखा है।
डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि पंजाब में करीब 650 एकड़ जमीन पर श्री गुरु रविदास जी के नाम से गार्डन विकसित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पौधारोपण अभियान भी चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रत्येक जिले में 6.50 लाख पौधे लगाए जाने की योजना है। उन्होंने बताया कि डेरा सचखंड बल्लां के पास नौगजा/फरीदपुरा में 10.4 एकड़ क्षेत्र में 37 करोड़ रुपये की लागत से श्री गुरु रविदास जी बाणी स्टडी सेंटर बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य गुरु रविदास जी की बाणी और उनके विचारों का अध्ययन एवं प्रचार-प्रसार करना है।
मंत्री ने कहा कि 650वें प्रकाश पर्व के अवसर पर प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में लगातार सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को श्री गुरु रविदास जी के जीवन, दर्शन और उनकी शिक्षाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर कीर्तन दरबार आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य के करीब 13 हजार गांवों में मोबाइल वैन के माध्यम से श्री गुरु रविदास जी के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई जाएगी।
डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि प्रकाश पर्व समारोह के तहत पंजाब के सभी विधानसभा क्षेत्रों को कवर करते हुए 92 ड्रोन शो आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने इसे पूरे समारोह के प्रमुख आकर्षणों में से एक बताया। इसके अलावा चार बड़े धार्मिक जुलूस भी निकाले जाएंगे। इनमें वाराणसी से खुरालगढ़, फरीदकोट से खुरालगढ़, बठिंडा से खुरालगढ़ और जम्मू से खुरालगढ़ तक के जुलूस शामिल हैं। इनका उद्देश्य श्री गुरु रविदास जी के संदेश और शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। प्रकाश पर्व के अवसर पर खुरालगढ़ साहिब में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
सेमिनार में संत निर्मल दास जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मुश्किल समय में शिक्षा इंसान का सबसे बड़ा सहारा होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई पर ध्यान देने और मेहनत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को बुरी आदतों से दूर रहकर ज्ञान और अच्छी सोच को अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी की बाणी समाज में समानता और भाईचारे का संदेश देती है। संत प्रदीप दास जी ने भी शिक्षा को समाज की प्रगति का आधार बताते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही समाज आध्यात्मिक और सामाजिक रूप से आगे बढ़ सकता है। बहन संतोष कुमारी ने श्री गुरु रविदास जी के ‘बेगमपुरा’ के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु साहिब ने जाति और सामाजिक भेदभाव से मुक्त समाज की कल्पना की थी। उन्होंने इसे भारतीय संविधान में दिए गए समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों से भी जोड़ा।
कार्यक्रम की शुरुआत में यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. पलविंदर सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य वक्ता प्रो. हरबंस सिंह बोलिना ने श्री गुरु रविदास जी के जीवन और विचारों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार राजिंदर कुमार ने सभी का धन्यवाद किया।
इस अवसर पर चांसलर संत मनमोहन सिंह, संत सरवन सिंह, संत निर्मल दास, संत प्रदीप दास, बहन संतोष कुमारी, पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट बैंक के चेयरमैन पवन टीनू, एसडीएम लाल विश्वास बैंस समेत संत समाज, राजनीतिक प्रतिनिधि, यूनिवर्सिटी प्रबंधन, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। सरकार का कहना है कि इन आयोजनों का उद्देश्य श्री गुरु रविदास जी के समानता, शिक्षा, भाईचारे और मानवता के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...