Last Updated: September 23, 2026

Dainik Savera Times Logo

Punjab News: नकली नोट बनाने वाला गैंग चढ़ा पुलिस के हत्थे, इस तरह करता था शहरों में सप्लाई

December 26, 2025

Punjab News: नकली नोट बनाने वाला गैंग चढ़ा पुलिस के हत्थे, इस तरह करता था शहरों में सप्लाई

पंजाब डेस्क: चंडीगढ़ पुलिस ने नकली नोट छापने और सप्लाई करने वाले गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक जम्मू-कश्मीर का रहने वाला, एक दिल्ली का और एक हरियाणा का है। पुलिस ने बताया कि ये लोग प्रिंटर की मदद से ₹100 और ₹500 के नोट छापकर विभिन्न शहरों में सप्लाई करते थे।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने नकली नोट बनाने की तकनीक सोशल मीडिया के माध्यम से सीखी थी। शुरुआत में उन्होंने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में नकली नोट चलाने की कोशिश की, इसके बाद चंडीगढ़ में इसे मार्केट में सप्लाई करने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस को समय रहते जानकारी मिली और आरोपियों को पकड़ लिया गया।

₹1 करोड़ से अधिक कीमत के नोट बरामद

गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से ₹2 लाख के नकली नोट मिले। शुरुआती जांच में यह पता चला कि अब तक उन्होंने ₹1 करोड़ से अधिक मूल्य के नकली नोट छापे थे। फिलहाल तीनों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

आरोपियों की पहचान और गैंग का मास्टरमाइंड

पुलिस पूछताछ में यह सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में अविनाश कुमार (जम्मू-कश्मीर), सत्यम विश्वकर्मा (दिल्ली) और संदीप (हरियाणा) शामिल हैं। जांच में यह भी पता चला कि गैंग का मास्टरमाइंड अविनाश कुमार है। अविनाश सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था और वहीं से उसे नकली नोट बनाने का आइडिया मिला।

पुलिस के अनुसार, अविनाश ने पहले छोटे पैमाने पर नकली नोट छापे और बाज़ार में चलाए। इसके बाद उसने बड़े पैमाने पर नोट छापने का प्लान बनाया और अपने दोस्तों सत्यम और संदीप को इसमें शामिल किया। तीनों ने मिलकर पहले लखनऊ में और फिर चंडीगढ़ में नकली नोट सप्लाई करना शुरू किया।

पुलिस ने की गिरफ्तारी

पुलिस को जानकारी मिली कि शहर में नकली नोट सप्लाई किए जा रहे हैं। आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस ने जाल बिछाया और नकली नोटों की खेप पहुंचाते समय तीनों को पकड़ा। इनके खिलाफ क्राइम ब्रांच थाने में BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच अभी जारी है।

ये भी पढ़ें: पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम जारी, जानिए आज आपके शहर में क्या है कीमत

पिछले केस और अंतरराज्यीय नेटवर्क

चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच ने पिछले तीन महीनों में नकली नोटों से जुड़े तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था। इनमें गौरव कुमार, विक्रम मीणा उर्फ़ विक्की और जितेंद्र शर्मा शामिल थे। जांच में पता चला कि नोटों में इस्तेमाल होने वाले तार चीन से मंगवाए जाते थे और प्रिंटिंग के बाद कूरियर के जरिए सप्लाई की जाती थी। पुलिस का कहना है कि अभी भी इस नेटवर्क का एक मास्टरमाइंड, गोंदिया, फरार है। पुलिस को संदेह है कि वह गुजरात में छिपा हुआ है और वहीं से पूरी साजिश चला रहा है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें