Punjab Weather Update : पंजाब में आज से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में कई इलाकों में आंधी, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार यह गतिविधियां 19 मार्च तक जारी रह सकती हैं, जिससे हाल के दिनों में बढ़े तापमान से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। इसी के प्रभाव से पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कई हिस्सों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ बारिश होने और तेज हवाएं चलने की संभावना बन रही है। कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
कई दिनों तक जारी रह सकती है बारिश
मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों में अगले कुछ दिनों तक छिटपुट बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान जताया है। इस दौरान हवाओं की गति करीब 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे कुछ समय के लिए यातायात और रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 15 मार्च से 19 मार्च के बीच अलग-अलग स्थानों पर बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे बढ़ सकती हैं। इस दौरान कुछ जगहों पर गरज के साथ बादल बनने और ओलावृष्टि की भी संभावना है।
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लोगों को सतर्क रहने की सलाह
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें। खासकर बिजली कड़कने या तेज आंधी के समय खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
तापमान में आ सकती है गिरावट
मौसम में इस बदलाव का असर तापमान पर भी देखने को मिल सकता है। IMD के अनुमान के अनुसार बारिश और बादलों के कारण उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान में लगभग 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है। पिछले कुछ दिनों से पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में दिन का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा था, जिससे दोपहर के समय गर्मी महसूस हो रही थी। हालांकि बारिश और तेज हवाओं के चलते आने वाले दिनों में मौसम कुछ ठंडा हो सकता है। वहीं रात का तापमान सामान्य के आसपास रहने की संभावना है।
मार्च में अब तक कम रही बारिश
हालांकि आगामी बारिश से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन मौसम के आंकड़े बताते हैं कि इस महीने पंजाब में अब तक सामान्य से करीब 97 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। लंबे समय तक सूखा रहने के कारण तापमान में बढ़ोतरी और शुष्क मौसम की स्थिति बनी रही। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों की बारिश से इस कमी में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन पूरे महीने की कमी पूरी तरह पूरी होना मुश्किल है।
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खेती पर भी पड़ सकता है असर
मार्च के शुरुआती हफ्तों में बारिश की कमी को लेकर किसानों की चिंता भी बढ़ी है। प्री-मॉनसून बारिश खेतों में नमी बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। आने वाली बारिश से जहां खेतों को कुछ हद तक फायदा मिल सकता है, वहीं तेज हवाएं या ओलावृष्टि होने पर कुछ क्षेत्रों में फसलों को नुकसान भी हो सकता है। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर रखें और खराब मौसम की चेतावनी मिलने पर जरूरी सावधानी बरतें।
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