Last Updated: October 7, 2026

Dainik Savera Times Logo

17 फीट लंबा परांदा बनाकर सुनाम सरकारी कॉलेज के विद्यार्थियों ने रचा विश्व रिकॉर्ड

August 9, 2026

17 फीट लंबा परांदा बनाकर सुनाम सरकारी कॉलेज के विद्यार्थियों ने रचा विश्व रिकॉर्ड

सुनाम: पंजाबी संस्कृति में परांदा केवल श्रृंगार की वस्तु नहीं, बल्कि पंजाब की पारंपरिक कला और विरासत की पहचान भी रहा है। बदलते समय के साथ परांदा बनाने की यह पारंपरिक कला धीरे-धीरे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से दूर होती जा रही है। इसी विरासत को फिर से जीवंत करने के उद्देश्य से सुनाम के शहीद ऊधम सिंह सरकारी कॉलेज के फाइन आर्ट्स विभाग के 12 से 13 विद्यार्थियों ने अनोखा प्रयास किया।

विद्यार्थियों ने करीब 7 से 10 दिनों तक दिन-रात मेहनत करके 17 फीट लंबा विशाल परांदा तैयार किया। इस परांदे को बनाने में करीब 1100 धागे की रीलें और 36 हजार मीटर से अधिक धागे का इस्तेमाल किया गया। इतने बड़े आकार का परांदा तैयार करना विद्यार्थियों के लिए एक नया और चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा।

पंजाबी विरासत को दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश

फाइन आर्ट्स विभाग के प्रमुख प्रोफेसर संदीप सिंह ने विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हुए इस पूरे प्रोजेक्ट का खर्च स्वयं उठाया। उन्होंने बताया कि इस विशाल परांदे का विचार उनके होनहार विद्यार्थियों का था और जब खर्च की बात सामने आई तो उन्होंने विद्यार्थियों को पूरा सहयोग देने का फैसला किया।

प्रोफेसर संदीप सिंह के अनुसार, इस प्रयास का उद्देश्य केवल विश्व रिकॉर्ड बनाना नहीं था, बल्कि पंजाब की विलुप्त होती लोक कलाओं और पारंपरिक हस्तकला को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना भी था।

7 से 10 दिनों की मेहनत लाई रंग

विद्यार्थियों ने इस अनोखे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए लगातार कई दिनों तक मेहनत की। धागों की बड़ी मात्रा और परांदे के विशाल आकार के कारण इसे तैयार करना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन टीमवर्क और लगन के चलते उन्होंने इसे निर्धारित समय में पूरा कर लिया।

विशाल परांदा तैयार होने के बाद विद्यार्थियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उनके परिवारों में भी गर्व का माहौल देखने को मिला।

‘नया और क्रिएटिव करने का था विचार’

विद्यार्थी कमलप्रीत कौर ने बताया कि जुलाई महीने में उन्होंने सोचा था कि परीक्षाओं के बाद कुछ नया और रचनात्मक किया जाए। इसी विचार से इस प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई।

उन्होंने कहा कि कई दिनों की मेहनत के बाद जब उनका बनाया परांदा विश्व रिकॉर्ड का हिस्सा बना तो सभी विद्यार्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा की गई नकारात्मक टिप्पणियों का भी जिक्र किया।

कमलप्रीत कौर ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी के प्रयास को प्रोत्साहित नहीं कर सकते तो कम से कम उसे गलत नहीं कहना चाहिए। युवाओं के रचनात्मक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक सोच जरूरी है।

📍 Location: Sangrur (Sangrur)

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें