
अमृतसर : द कॉर्पोरेट अस्पताल के निदेशक डॉ. जतिंदर मल्होत्र ने सर्दियों के मौसम में दस साल तक के बच्चों की सेहत का ध्यान रखने के लिए विशेष सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है, जिससे उन्हें सर्दी, खांसी और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में मातापिता को उनकी सेहत पर खास ध्यान देना चाहिए।
डॉ. जतिंदर मल्होत्र के सुझाव
1. पोषण युक्त आहार दें: बच्चों के आहार में ताजे फल, हरी सब्जियां, सूखे मेवे और गर्म पेय पदार्थ जैसे सूप शामिल करें। यह उनकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा।
2. शरीर को गर्म रखें : ठंड से बचाने के लिए बच्चों को लेयरिंग तकनीक से कपड़े पहनाएं। गर्म इनर वियर, स्वैटर, जैकेट और टोपी का इस्तेमाल करें। बच्चों के कान और पैरों को भी ढक कर रखें।
3. पर्याप्त पानी पिलाएं: सर्दियों में पानी पीने की आदत कम हो जाती है, लेकिन शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है। बच्चों को नियमित रूप से गुनगुना पानी पिलाएं।
4. बाहरी गतिविधियों पर ध्यान दें: सर्दियों में बच्चों को धूप में खेलने के लिए प्रोत्साहित करें। धूप विटामिन डी का सबसे अच्छा स्त्रोत है, जो उनकी हड्डियों को मजबूत बनाता है।
5. सफाई का ध्यान रखें: बच्चों के हाथों को दिन में कई बार धोने की आदत डालें। खासकर खाने से पहले और खेलने के बाद। यह संक्र मण के खतरे को कम करता है।
6. ठंडी चीजों से बचाएं : बच्चों को ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स देने से बचें। इससे गले में संक्र मण का खतरा बढ़ सकता है।
7. नियमित स्वास्थ्य जांच: सर्दियों के दौरान बच्चों की सेहत पर नजर रखने के लिए समय-समय पर डॉक्टर से जांच करवाते रहें।
डॉ. मल्होत्र ने कहा कि सर्दियों में बच्चों को घर का बना पौष्टिक खाना और सही दिनचर्या देने से उनकी सेहत बेहतर बनी रहती है। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे बच्चों के खानपान और दिनचर्या का खास ख्याल रखें ताकि वे सर्दी के मौसम में भी स्वस्थ और खुश रहें।
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