
चंडीगढ़: पंजाब के लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने आज तरनतारन में ए-25 रेलवे लाइन (कक्का कंडियाला रेलवे लाइन) पर चार लेन रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) और श्री अमृतसर साहिब के गांव सुल्तानविंड से तरनतारन साहिब तक के मार्ग पर बन रहे पुल के निर्माण का निरीक्षण किया।
इन दोनों पुलों के बनने से श्री अमृतसर साहिब और तरनतारन के बीच यातायात सुचारू रूप से चलेगा, जिससे निवासियों को यातायात जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी। कैबिनेट मंत्री ने दोनों निर्माण परियोजनाओं में शामिल कंपनियों को निर्देश दिया कि वे दिसंबर 2025 तक हर हालत में निर्माण कार्य पूरा करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने तरनतारन में ए-25 कक्का कंडियाला रेलवे लाइन पर चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ विधायक डॉ. कश्मीर सिंह सोहल भी थे।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि ओवरब्रिज का निर्माण कार्य 31 प्रतिशत पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि हालांकि इस पुल को शुरू में जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन जनता की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए इसे लगभग छह महीने पहले यानी दिसंबर 2025 तक पूरा करने की अनुमति दी जाएगी, जब इसे जनता को समर्पित किया जाएगा।
चार लेन वाले आरओबी पर लगभग 82.88 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है, लेकिन इसे लगभग 70 करोड़ रुपये में पूरा किया जाएगा, जिससे सरकार को लगभग 13 करोड़ रुपये की बचत होगी।
उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक शहर तरनतारन में यातायात की भीड़ लगातार बढ़ रही है और श्री दरबार साहिब तरनतारन और श्री दरबार साहिब अमृतसर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को यातायात की समस्याओं के कारण यात्रा में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। चार लेन का आरओबी यात्रियों को काफी राहत प्रदान करेगा।
जि़क्रयोग्य है कि लोक निर्माण मंत्री स. हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने तरनतारन शहर में बढ़ रही ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए सितंबर 2024 में ए-25 रेलवे लाइन (कक्का कंडियाला रेलवे लाइन) पर चार लेन ओवरब्रिज का नींव पत्थर रखा था।
इसके बाद कैबिनेट मंत्री ने पंजाब सरकार द्वारा श्री अमृतसर साहिब के सुल्तानविंड गांव के तार पुल से तरनतारन साहिब की ओर लंबे ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए बनाए जा रहे पुल के निर्माण का भी निरीक्षण किया। इस पुल का निर्माण अक्तूबर 2024 में शुरू किया गया था और इसे जून 2026 तक पूरा किया जाना है।
प्रगति की समीक्षा करने के बाद उन्होंने घोषणा की कि स्थानीय निवासियों और यात्रियों की सुविधा के लिए इस पुल का निर्माण भी दिसंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। इस अवसर पर विधायक डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर भी मौजूद थे।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि डॉ. निज्जर की सिफारिश पर राज्य सरकार ने इस पुल के लिए 34.20 करोड़ रुपए मंजूर किए थे, लेकिन विभाग इसे करीब 22.68 करोड़ रुपए में पूरा करेगा, जिससे सरकार को 11.52 करोड़ रुपए की बचत होगी। उन्होंने बताया कि 725 मीटर लंबे और 14 मीटर चौड़े इस पुल के दोनों तरफ 5.5 मीटर चौड़ी सर्विस लेन बनाई जाएंगी और फ्लाईओवर के दोनों तरफ पानी की निकासी के लिए नालियां और वर्षा जल संचयन प्रणाली लगाई जाएगी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस पुल के बन जाने से श्री दरबार साहिब अमृतसर, तरनतारन साहिब, गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह जी शहीदां, टाहला साहिब और बाबा बुड्ढा जी धार्मिक स्थलों पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा आसान हो जाएगी और ट्रैफिक जाम की समस्या पुरानी बात हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि अमृतसर बाईपास और ऐतिहासिक सुल्तानविंड के साथ लगती कॉलोनियों के निवासियों को भी इस पुल के निर्माण से काफी राहत मिलेगी।
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