-
इंटरनेशनल डेस्क। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, दुनिया में दो प्रमुख विकास मॉडल सामने आये, अर्थात् संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा प्रस्तुत मुक्त पूंजीवादी आर्थिक मॉडल तथा सोवियत संघ द्वारा प्रस्तुत नियोजित आर्थिक विकास मॉडल। उस समय, भारत ने भी गुटनिरपेक्ष मार्ग की वकालत कर एक मिश्रित आर्थिक विकास मॉडल का साथ दिया। उधर, नियोजित अर्थव्यवस्था.