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मुंबई: टाटा कंसल्टेंसी र्सिवसेज (टीसीएस) का मानना है कि चैटजीपीटी जैसे उत्पादक कृत्रिम मेधा (एआई) मंच एआई सहकर्मी के तौर पर काम करेंगे और इनसे नौकरियां कम नहीं होंगी। देश की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवा प्रदाता कंपनी के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी (सीएचआरओ) मिलिंद लक्कड़ ने कहा कि ऐसे उपकरणों की मदद से.