सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। इस दौरान शिव भक्त जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर भोलेनाथ की कृपा पाने की कामना करते हैं।
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। इस दौरान भक्त भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और व्रत के साथ दान-पुण्य भी करते हैं।
सावन के साथ शुरू होगी का माहौल बन जाता है। इसी दौरान लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं और हरिद्वार, ऋषिकेश, गंगोत्री, गोमुख समेत विभिन्न पवित्र स्थलों से गंगाजल लेकर अपने-अपने क्षेत्र के शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं।
हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दौरान भक्त भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं, सावन सोमवार के व्रत रखते हैं और शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं।
देवशयनी एकादशी से पहले आने वाली योगिनी एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा से करने पर व्यक्ति को जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।