हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी को सभी एकादशियों में सबसे विशेष और फलदायी माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु पूरे 24 घंटे तक अन्न और जल का त्याग कर भगवान विष्णु की आराधना करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त श्रद्धा और विश्वास के साथ राधा रानी के पवित्र नामों का स्मरण करता है, उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने लगते हैं।
आज ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व लेकर आई है। हिंदू पंचांग के अनुसार अधिक मास में पड़ने वाली पूर्णिमा को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिक मास में तुलसी पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। इस दौरान किए गए कुछ पारंपरिक उपायों को सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला माना जाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार अधिक मास में आने वाली एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी क्रम में वर्ष 2026 में अधिक मास की पहली एकादशी जिसे पद्मिनी एकादशी कहा जाता है।