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नेशनल डेस्कः सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया। इस फैसले में अदालत ने पहली बार एक विशेष मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी। इस निर्णय के बाद गाजियाबाद के 32 वर्षीय हरीश राणा, जो पिछले 13 वर्षों से बेहद गंभीर हालत में जीवन रक्षक मशीनों के सहारे जी रहे.