विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि विदेशी बाजार में अमेरिकी मुद्रा की मजबूती तथा कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी स्थानीय मुद्रा पर दबाव डाला और उसकी तेजी को सीमित कर दिया।
अमेरिकी मुद्रा में मजबूती और विदेशों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण बृहस्पतिवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चार पैसे गिरकर 83.48 पर आ गया।