-
आध्यात्मिक ज्ञान की अनंत निधि वेदों में मनुष्य जीवन को एक यज्ञ की उपमा दी गई है जिस प्रकार भौतिक यज्ञ चार होताओं के द्वारा संचालित किया जाता है उसी प्रकार मनुष्य जीवन रूपी यज्ञ पांच ज्ञानेंद्रियों, मन, बुद्धि एवं आत्मा द्वारा संपन्न होता है। धार्मिक यज्ञ की सामग्री जितनी शुद्ध एवं पवित्र होती है.