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नेशनल डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि किसी भी महिला खासकर नाबालिग लड़की को उसकी इच्छा के खिलाफ गर्भावस्था जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। अदालत ने साफ किया कि महिला की अपनी पसंद और उसका अधिकार सबसे महत्वपूर्ण है। नाबालिग को दी गर्भपात की.