चंडीगढ़: जमीनी स्तर पर विकास को बढ़ावा देने के लिए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने गुरुवार को “रंगला पंजाब विकास योजना” के दिशानिर्देशों को मंजूरी दे दी, जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जिलों में स्थानीय स्तर के कार्यों के लिए 585 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। यह निर्णय मुख्यमंत्री.
चंडीगढ़: औद्योगिक स्थापना प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से एक व्यापार-अनुकूल कदम के तहत, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने बुधवार को कारखाना निर्माण योजनाओं की मंजूरी के लिए तीसरे पक्ष और स्व-प्रमाणन की शुरुआत को मंजूरी दे दी। यह निर्णय मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक.
पंजाब डेस्क। पंजाब कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। इस नीति के तहत सरकार का लक्ष्य 11,020 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाना है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस नीति को स्वीकृति दी गई। बैठक के बाद पंजाब के वित्त.
राज्य सरकार के कर्मचारियों व पैंशनरों को एक बड़ा तोहफा देते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाले पंजाब मंत्रिमंडल ने वीरवार को उनके 14,000 करोड़ रुपए के बकाए को जारी करने को सहमति दी
चंडीगढ़ : पंजाब के मंत्रिमंडल में आज बड़ा फेरबदल हाे गया हैं। पंजाब राजभवन में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया की मौजूदगी में कैबिनेट में 5 नए चेहरों को शामिल किया गया हैं। इसी के साथ सीएम भगवंत मान की कैबिनेट में विभागों का बंटवारा कर दिया गया हैं। देखें नीचे दी लिस्ट में- सीएम भगवंत.
चंडीगढ़ : पंजाब कैबिनेट में बड़ा फेरबदल हुआ है। कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर से वाटर रिसोर्सेज, माइंस एंड जियोलॉजी, साइंस टेक्नोलॉजी एंड एनवायरनमेंट विभाग वापिस ले लिए गए हैं। माइंस एंड जियोलॉजी विभाग अब मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा को दे दिया गया है। इसके साथ ही मंत्री जौड़ामाजरा के पास अब कुल 7.
चंडीगढ़: राज्य के युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के अधिक अवसर खोलने की कवायद जारी रखते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने सामान्य राज्य प्रशासन विभाग, पंजाब में लिपिक संवर्ग के 106 पदों को भरने की मंजूरी दे दी है। इस संबंध में निर्णय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यहां पंजाब.
चंडीगढ़ : पंजाब के लोगों को बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट ने 31 दिसंबर 2023 तक शहरी क्षेत्रों (नगर निगम और क्लास-1 नगर परिषद) में संपत्ति पंजीकरण पर 3 प्रतिशत अतिरिक्त स्टांप शुल्क (सामाजिक सुरक्षा निधि) से छूट को मंजूरी दे दी है। लोगों के व्यापक हित में कैबिनेट ने भारतीय स्टाम्प अधिनियम-1899 की धारा.