गर्मी अब अपने पूरे जोर पर है। लू चल रही है और दिनभर के बाद शरीर व मन दोनों थकान से भरे रहते हैं। ऐसी स्थिति में बाजार के कोल्ड ड्रिंक्स की जगह पारंपरिक और सेहतमंद खस का शरबत कई लोगों की पहली पसंद बन रहा है। यह सिर्फ एक ठंडा पेय नहीं, बल्कि तन.
देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। लगातार बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं के कारण लोगों को कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। चिलचिलाती धूप के साथ उमस भरी हवा लोगों को परेशान कर रही है। ऐसे मौसम में त्वचा संबंधी समस्याएं.
गर्मी का मौसम गर्भवती महिलाओं के लिए खासतौर पर चुनौतीपूर्ण हो सकता है। शरीर में अत्यधिक गर्मी जमा होने से उत्पन्न ‘हीट स्ट्रेस’ प्रेग्नेंसी में बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। यह स्थिति न सिर्फ मां को प्रभावित करती है बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत के लिए भी जोखिम पैदा कर सकती.
देशभर में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के बीच लोग शरीर को ठंडक पहुंचाने वाले पारंपरिक पेयों की ओर रुख कर रहे हैं। राजस्थान का मशहूर इमली पना भी ऐसा ही एक देसी ड्रिंक है, जो स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। खट्टी इमली, गुड़, पुदीना और मसालों से तैयार.
देशभर में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक चला गया है। यही नहीं 25 मई से 2 जून तक नौतपा भी शुरू हो जाएगा, यानी पृथ्वी और भी तपेगी। इस बीच भारत सरकार एडवाइजरी जारी कर लगातार लोगों से लगातार सतर्क रहने और लापरवाही न बरतने की.
उत्तर भारत में इन दिनों गर्मी अपने चरम पर पहुंच रही है। राजधानी दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है।
गर्मी के मौसम में खट्टे-रसीले नींबू के सेवन से सेहत को कई लाभ मिलते हैं। इस मौसम में नींबू अमृत से कम नहीं होता। भीषण गर्मी में शरीर को ठंडक, ऊर्जा और सेहत देने वाला यह फल हर घर में आसानी से उपलब्ध है। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, रोजाना नींबू का सेवन गर्मियों.
सदियों से आयुर्वेद में ऐसी कई गुणकारी जड़ी-बूटियों से असाध्य रोगों का इलाज किया जा रहा है, जो बहुत भी दुर्लभ हैं। ये जड़ी-बूटियां शरीर को भीतर से ऊर्जा देकर रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती हैं। ऐसी ही एक दुर्लभ जड़ी-बूटी है विदारीकंद (आयुर्वेदिक बल्य और रसायन औषधि), जिसे भारत में अलग-अलग नामों से.
गर्मियों में गर्म तासीर वाली चीजों के सेवन को कम करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि पहले से ही बाहरी वातावरण गर्म होता है और शरीर के अंदर भी पित्त बढ़ने लगता है। ऐसे में शरीर बाहरी और आंतरिक गर्मी से प्रभावित होता है। यही कारण है कि गर्मियों में ठंडी तासीर वाली चीजों.
गर्मी बढ़ते ही AC हमारे रोज़मर्रा का हिस्सा बन जाता है। घर, ऑफिस या कार- हर जगह ठंडी हवा में रहना आराम देता है। लेकिन अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या लंबे समय तक AC में रहने से हमारी इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है? डॉक्टरों के मुताबिक AC खुद सीधे इम्यून सिस्टम को कमजोर.
गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में देश के कई हिस्सों में लगातार तापमान बढ़ता जा रहा है। ऐसे में शरीर में पानी की कमी, थकान और पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। इन समस्याओं को मात देने में घरेलू और स्वादिष्ट पेय शिकंजी बेहद कारगर है। आसानी से बनने वाली शिकंजी न.