छह वर्ष में छह लाख से अधिक को दी सरकारी नौकरी: योगी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को दावा किया कि उनकी सरकार अपने छह वर्ष के कार्यकाल में छह लाख से अधिक नौजवानों को सरकारी नौकरी देने में सफल रही है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 393 होम्योपैथिक फार्मासिस्ट को नियुक्ति पत्र वितरित करने के दौरान श्री योगी ने.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को दावा किया कि उनकी सरकार अपने छह वर्ष के कार्यकाल में छह लाख से अधिक नौजवानों को सरकारी नौकरी देने में सफल रही है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 393 होम्योपैथिक फार्मासिस्ट को नियुक्ति पत्र वितरित करने के दौरान श्री योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में लोक सेवा आयोग के परिणाम आने में डेढ़ से दो साल लग जाते थे, लेकिन अब अधीनस्थ सेवा चयन आयोग निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से छह से नौ महीने के अंदर परिणाम दे रहा है।

उन्होने कहा कि ये नौजवान पूरी निष्ठा और ऊर्जा के साथ मिलकर कार्य करेंगे तो उत्तर प्रदेश को कोई बीमारू नहीं रख सकता है। हम सब मिलकर यूपी को एक समर्थ और समृद्ध राज्य बनाएंगे। फरवरी 2023 में उत्तर प्रदेश में ग्लोबल इन्वेटर्स समिट का आयोजन हुआ। इससे प्रदेश को 38 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे एक करोड़ से अधिक नौजवानों को नौकरी मिलेगी। आज उत्तर प्रदेश देश के अंदर नए रोजगार सृजन का गंतव्य बनकर उभर रहा है।योगी ने कहा कि विगत साढ़े नौ वर्षों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की यात्र शानदार तरीके से आगे बढ़ रही है। इसी का नतीजा है कि ट्रेडिशनल मेडिसिन के क्षेत्र में भारत ने एक लंबी छलांग लगाई है। उन्होने कहा कि आयुर्वेद हमेशा से हमारे जीवन का हिस्सा रहा है। योग प्राचीन काल से भारत की परंपरा के साथ जुड़ा रहा है। होम्योपैथ का उपयोग गांवों में लोग किसी न किसी रूप में करते रहे हैं। लेकिन पहली बार, आयुर्वेद, योग, प्रकृति चिकित्सा, सिद्धा और होम्योपैथ को मिलाकर जब आयुष मंत्रलय का गठन होता है तो इससे भारत की ट्रेडिशनल मेडिसिन को एक नई पहचान मिलती है।

उन्होने कहा कि कोविड कालखंड में आयुष काढ़ा लोगों का सहारा बना। 2014 के बाद जिस तरह से इस दिशा में कार्य होना प्रारम्भ हुआ, आज उसी का परिणाम है कि देश की आबादी का सबसे बड़ा राज्य मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। आयुष की अलग-अलग विधाओं में डिग्री और डिप्लोमा कोर्सेज प्रारंभ हो सके इसके लिए प्रदेश में आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना हो रही है। योगी ने कहा कि पहले आयुर्वेद के लिए चयनित फार्मासिस्ट को सरकारी नौकरी नहीं दी जाती थी, लेकिन आज यह सरकारी व्यवस्था का हिस्सा बन गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आयुष की सभी विधाओं को प्रोत्साहित कर रही है। हम पांच हजार की आबादी पर योग और वेलनेस सेंटर के लिए कार्यवाही युद्ध स्तर पर आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होने कहा कि भारत के अंदर हेल्थ टूरिज्म की सबसे ज्यादा संभावना आयुष में है। आज दुनिया इस तरफ देख रही है। इस वजह से हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम हेल्थ टूरिज्म के लिए आने वाले लोगों को वैश्विक स्तर का वातावरण दें। उन्होंने नवचयनित फार्मासिस्ट्स को नसीहत देते हुए कहा कि मरीज के प्रति आपका व्यवहार उसकी काफी समस्याओं का समाधान कर सकता है। आपके सछ्वावना पूर्ण व्यवहार से मरीज की आधी बीमारी दूर हो जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि करियर और उत्तम आरोग्यता के लिए ट्रेडिशनल मेडिसिन को प्रोत्साहित करें। आयुर्वेद, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथ से जुड़े चिकित्सक बिना किसी संकोच के रिसर्च एवं डेवलपमेंट के कार्यक्रम को आगे बढ़ाएं। यही नहीं हम आयुष से जुड़े पैरामेडिक्स भी इन विधाओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वह मरीज का डाटा एकत्रित कर एक डाटा बैंक बना सकते हैं, जो स्टडी रिपोर्ट तैयार करने के काम में आ सकती है।

- विज्ञापन -

Latest News