
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर हमला करते हुए सवाल उठाया कि सरकार बताए कि सिपाहियों की भर्ती में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की संख्या कितनी है और उनकी हकमारी कौन कर रहा है। यादव ने पार्टी की अल्पसंख्यक शाखा के पदाधिकारियों के साथ एक बैठक के बाद यहां पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता में सवालों के जवाब में कहा, कोई भी सरकार नियम और नियम के बाहर भर्ती नहीं कर सकती। रविवार को यहां 60 हज़ार से अधिक सिपाहियों के लिए आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पिछली सपा सरकार पर पुलिस भर्तियों में भाई-भतीजावाद और रिश्वत जैसे आरोप लगाए जाने और अब तक की सबसे बड़ी भर्ती के दावे के बारे में पूछे जाने पर यादव ने कहा, ‘‘ये आरोप इसलिए लगाते हैं कि इनसे कोई सवाल न पूछे।
अगर हम लोग संख्या पूछना चाहें कि इतनी भारी संख्या में भर्ती हुई तो इसमें पीडीए की गिनती क्या है, तो?’’ उन्होंने कहा, सरकार बताए कि पीडीए की हकमारी कौन कर रहा है। इस भर्ती में पीडीए की हकमारी किसने की। सिर्फ पीडीए के आंकड़े बता दे सरकार। उन्होंने दोहराया, कोई सवाल न पूछे इसलिए यह केवल इनका दुष्प्रचार है और भाजपा से अच्छा दुष्प्रचार कोई नहीं कर सकता। यहां ‘डिफेंस एक्सपो’ मैदान में रविवार को आयोजित समारोह में नव-नियुक्त 60,244 सिपाहियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था, ‘‘मेरी दृष्टि से संख्या से ज्यादा एक बात महत्वपूर्ण है, मेरे सामने 60,244 युवा बैठे हैं और हिम्मत से कह रहा हूं कि किसी को एक आने-पाई की रिश्वत नहीं देनी पड़ी है।
यह पारदर्शिता के साथ भर्ती हुई है। न खर्ची, न पर्ची, न कोई सिफारिश, न जाति के आधार पर..48 लाख आवेदनों में आप सब अपनी योग्यता के आधार पर आए हैं और मैं मानता हूं कि इससे बड़ी उपलब्धि किसी भी शासन के लिए नहीं हो सकती है।’’ इसी कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, सरकारी नियुक्तियों में भाई-भतीजावाद और भेदभाव अब बीते दिनों की बात हो गयी है। अब आरक्षण का लाभ देते हुए मेधा के आधार पर पूरी पारदर्शिता से भर्तियां की जा रही हैं। दोनों नेताओं के निशाने पर सपा थी।
यादव ने प्रयागराज के कुंभ मेले के भगदड़ को लेकर आई मीडिया की एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने 37 लोगों की भगदड़ में मौत का झूठा आंकड़ा दिया था, लेकिन चैनल ने हिम्मत करके दिखाया 82 लोग मारे गए हैं। यादव ने यह भी सवाल उठाया ,‘‘आखिर कुछ मृतकों के परिजनों को नकदी क्यों बांटी गई, किसके आदेश पर बांटी गई। नकदी देने का निर्णय किस नियम के तहत हुआ और किसके आदेश पर हुआ है।’’ उन्होंने दावा किया कि सरकार इन सवालों से बचना चाहती है क्योंकि उसके पास जवाब नहीं है।
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