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श्रीलंका के ऑलराउंडर एंजेलो मैथ्यूज ने बांग्लादेशी टीम की अपील को शर्मनाक’ करार दिया

November 7, 2023

श्रीलंका के ऑलराउंडर एंजेलो मैथ्यूज ने बांग्लादेशी टीम की अपील को शर्मनाक’ करार दिया

नई दिल्ली: श्रीलंका के ऑलराउंडर एंजेलो मैथ्यूज ने बांग्लादेश के खिलाफ उनके ‘टाइम आउट’ के लिए विरोधी टीम और कप्तान शाकिब अल हसन की अपील को ‘शर्मनाक’ करार दिया और कहा कि इससे खेल की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। मैथ्यूज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ‘टाइम आउट’ होने वाले पहले बल्लेबाज बने। मैथ्यूज जैसे ही क्रीज पहुंचे और हेलमेट लगाने लगे तो उसका स्ट्रैप टूट गया। उन्होंने ड्रेसिंग रूम से दूसरा हेलमेट लाने का इशारा किया लेकिन इसमें दो मिनट से अधिक का समय लग गया।

इस बीच शाकिब ने मैथ्यूज के खिलाफ टाइम आउट की अपील की और अंपायर मराइस इरासमस ने उन्हें आउट करार दे दिया। जिसमे मैथ्यूज ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया था और यह सिर्फ साजो सामान के खराब होने से जुड़ी समस्या थी।मैथ्यूज ने श्रीलंका की तीन विकेट की हार के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने कुछ भी गलत नहीं किया था। मेरे पास क्रीज पर पहुंचने और खुद को तैयार करने के लिए दो मिनट का समय था, जो मैंने किया। और फिर यह एक उपकरण की खराबी थी।

और मुझे नहीं पता कि सामान्य समझ कहां गई। अगर वे इस तरह क्रिकेट खेलना चाहते हैं तो जाहिर तौर पर यह शाकिब और बांग्लादेश के लिए शर्मनाक है। अगर वे उस स्तर तक गिर गए हैं तो मुझे लगता है कि कुछ बहुत गलत है।’’उन्होंने कहा, ‘‘नियम कहता है कि आपको दो मिनट के भीतर तैयार रहना होगा और मैं वहां दो मिनट 45 या 50 सेकेंड तक था। मेरा हेलमेट टूटने के बाद भी मेरे पास पांच सेकेंड और थे और अंपायरों ने भी हमारे कोच से कहा है कि उन्होंने मेरा हेलमेट टूटते नहीं देखा।

मेरा मतलब है, मैं सिर्फ अपना हेलमेट मांग रहा था।’’मैथ्यूज ने कहा, ‘‘यह सिर्फ सामान्य समझ है। मैं मांकडिंग या क्षेत्ररक्षण में बाधा डालने की बात नहीं कर रहा हूं। यह बिल्कुल सामान्य समझ है। खेल की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया गया। यह बेहद शर्मनाक है।’’मैच के बाद श्रीलंका के खिलाड़ियों ने बांग्लादेश के खिलाड़ियों के साथ हाथ नहीं मिलाया, टीम के इस बर्ताव के बारे में पूछे जाने पर मैथ्यूज ने कहा, ‘‘आपको उन लोगों का सम्मान करना होगा जो हमारा सम्मान करते हैं।

मेरा मतलब है कि हम सभी  इस खूबसूरत खेल के दूत हैं जिनमें अंपायर भी शामिल हैं। तो फिर यदि आप सम्मान नहीं करते हैं और यदि आप अपनी सामान्य समझ का उपयोग नहीं करते हैं, तो आप और क्या मांग सकते हैं?’’मैथ्यूज ने कहा कि अब उनके मन में शाकिब और बांग्लादेश की टीम के लिए कोई सम्मान नहीं है।

 

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