शिमला: राजधानी शिमला में लावारिस कुत्ताें का आंतक थमने का नाम नहीं ले रहा। बुधवार सुबह ढली टनल के समीप लावारिस कुत्ताें ने तीन स्कूली बच्चों पर हमला किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार हमले में दो छात्र लहूलुहान हुए हैं। मामला सुबह करीब 8 बजे का है जब आम दिनों की तरह लोग और स्कूली बच्चें अपने अभिभावकों के साथ बस का इंतजार कर रहे थे, इस बीच एक बच्चे की बॉल सड़क के किनारे गिर गई जैसे ही बच्चा बाल लेने गया तो उस पर आवारा कुत्ताें ने हमला कर दिया, जिसमें बच्चों को टांगों व कान पर गहरे घाव पड़े हैं। वहीं इस दौरान मौजूद सफाई कर्मचारी महिला ने आवारा कुत्ताें का अपने झांडू से मार कर भगाया और बच्चों की जान बचाई। तीनों बच्चों को उपचार के लिए आईजीएमसी अस्पताल लाया गया है।
वहीं, इस घटना के बाद गुस्साए छात्र के पिता ने एमसी महापौर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। स्कूली बच्चे के पिता कर्मचंद भाटिया ने कहा कि हर दिन ऐसे मामले है आज मेरे बेटे को काट दिया और अन्य बच्चों को भी काटा लेकिन कोई इसकी जिम्मेदारी नहीं ले रहा है। उन्होंने कहा कि रोजाना आवारा कुत्तें लोगों को काट रहे हैं, लेकिन एमसी और जिला प्रशासन के पास कोई समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि लोग आवारा कुत्ताें को सड़कों पर खाना खिला रहे हैं और लोग अपने पालतू कुत्ताें को सड़कों पर छोड़ जाते हैं जो अब लोगों की जान के दुश्मन बन गए हैं।
उन्होंने कहा कि एमसी प्रशासन के लिए ये बड़ी शìमदगी की बात है कि लोगों पर आवारा कुत्ते हमले कर रहें लेकिन एमसी के पास कोई समाधान नहीं है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा 8 साल है और एक लौता बेटा है अगर समय पर सफाई कर्मचारी महिला ने नहीं बचाया होता तो उनके बेटे की जान भी जा सकती थी। उन्होंने कहा कि जब तक महापौर, उपमहापौर, आयुक्त और जिला उपायुक्त इस बाबत उन्हें लिखित में कोई ठोस आश्वासन नहीं देते वह धरना पर बैठे रहेंगे। वहीं इस मामले पर महापौर सुरंेद्र चौहान ने बताया कि एमसी जानवरों के एक्ट के तहत की कार्रवाई कर सकता है। मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि इस मामले को लेकर आज हाउस में मामला लाया जाएगा।
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