कुरुक्षेत्र। एनआईटी कुरुक्षेत्र के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन शिक्षाविदों, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों, उद्योग जगत से जुड़े लोगों और शोध विद्यार्थियों के लिए साझा मंच बना, जहां मैटेरियल्स, मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल मैनेजमेंट पर विचार-विमर्श हुआ।
इस अवसर पर आईआईटी दिल्ली के प्रो. सुदर्शन घोष और डॉ. पृथ्वीराज मुखोपाध्याय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इनोवेशन और इंटेलीजेंट टेक्नोलॉजी आज के औद्योगिक विकास की रीढ़ बन चुकी हैं। सम्मेलन में इंडस्ट्री 4.0 और 5.0, ऑटोमेशन, सस्टेनेबिलिटी, एआई, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग और पर्यावरण हितैषी तकनीकों पर भी गहन चर्चा की गई।
आयोजन सचिव डॉ. मनोज कुमार सिन्हा ने बताया कि इस सम्मेलन में देश-विदेश से 101 शोधकर्ताओं ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। इन्हें 153 प्रस्तुतियों में से चयनित किया गया था। इसके अलावा चार विशेषज्ञों द्वारा विशेष व्याख्यान भी आयोजित किए गए, जिनमें तकनीकी नवाचार और एआई के प्रभाव पर चर्चा हुई।
विभागाध्यक्ष प्रो. दीक्षित गर्ग ने कहा कि ऐसे सम्मेलन न केवल ज्ञान का आदान-प्रदान बढ़ाते हैं, बल्कि इंडस्ट्रियल मैनेजमेंट के महत्व को भी रेखांकित करते हैं। वहीं, निदेशक प्रभारी प्रो. राजू पांडेय ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के लिए सस्टेनेबल और स्मार्ट टेक्नोलॉजी अपनानी होगी। एआई और डेटा एनालिटिक्स विशेषज्ञ दिव्यांशु मित्तल ने ऑनलाइन माध्यम से अपने विचार साझा किए। इस मौके पर डॉ. ललित ठाकुर, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. दिलबाग पांचाल और डॉ. रंजीत कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।