अंबाला। प्रदेश में शुक्रवार दोपहर के बाद मौसम ने अचानक करवट ले ली। मौसम ने अब तक पड़ रही गर्मी को दूर धकेल दिया है। यानी अब गर्मी कुछ दिनों के बाद सताएगी। शुक्रवार को कई जिलों में वर्षा के साथ तेज आंधी आई। हिसार, सिरसा, भिवानी, कैथल, पानीपत और सोनीपत में बारिश भी हुई।
इसके अलावा चार जिलों में ओलावृष्टि भी हुई। इन जिलों में हांसी, हिसार, चरखी दादरी और भिवानी के कई गांव शामिल हैं। इस बारिश ने आम आदमी को राहत पहुंचाई जबकि किसानों की मुश्किलों को बढ़ा दिया। अनाज मंडियों में गेहूं की ढेरियां भीग गईं। पानीपत के इसराना मंडी में वर्षा के दौरान गेहूं खुले में पड़ा रहा। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में औसतन 1.3 डिग्री की गिरावट हुई है। रोहतक में पारा 41.7 डिग्री तक पहुंच गया।
शुक्रवार दोपहर बाद मौसम बदलने के साथ हिसार, सिरसा, कैथल, भिवानी, पानीपत और सोनीपत में वर्षा हुई। नूंह और फतेहाबाद में बूंदाबांदी दर्ज की गई, जबकि हांसी और भिवानी के गांव लालावास, पोहकरवास, गोलागढ़, जुई, ढाब ढाणी, बिजलानाबास, चन्दाबास, पाथरवाली, शकंर ढाणी, कुडल, गांव में ओलावृष्टि हुई। तेज आंधी में झज्जर अस्पताल का शेड का हिस्सा गिर गया। कई जगह पेड़ गिरे।
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने जींद, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, भिवानी और चरखी दादरी समेत कई जिलों में शाम तक वर्षा और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में बादल और हवाओं के प्रभाव से तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावना जताई गई है।
यह बारिश उस समय हुई है जब प्रदेश की मंडियों में गेहूं की आवक चरम पर है। कटाई और उठान के इस व्यस्त सीजन में अचानक हुई बरसात ने मंडियों के इंतजामों की कलई खोलकर रख दी है। खुले आसमान के नीचे पड़ा हजारों क्विंटल गेहूं पानी में तैरता नजर आया। तिरपाल और ढकने की उचित व्यवस्था न होने के कारण किसानों की सालभर की कमाई भीग गई। अब सबसे बड़ा डर फसल की क्वालिटी को लेकर है; गेहूं के दाने की चमक फीकी पड़ने से बाजार में इसका सही दाम मिलना मुश्किल होगा, जिससे किसानों को तगड़ी आर्थिक चपत लगनी तय है।
शुक्रवार तक प्रदेश के रोहतक, नारनौल, गुरुग्राम और पलवल जैसे शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका था। शनिवार की बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को उमस भरी गर्मी से चैन मिला है। लेकिन यह सुकून ज्यादा लंबा नहीं चलेगा। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक, एक और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर अगले 3 से 4 दिनों तक दिखेगा।
मौसम विभाग के अनुसार 19 अप्रैल को भी प्रदेश के कई हिस्सों में छिटपुट बूंदाबांदी और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है। हालांकि, 20 अप्रैल के बाद मौसम एक बार फिर करवट लेगा और पारा तेजी से चढ़ेगा। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि फिलहाल फसल की कटाई को रोक दें और मंडियों में रखे अनाज को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं। अगर बारिश का यह सिलसिला और बढ़ा, तो गेहूं के दाने काले पड़ सकते हैं, जिससे खरीद प्रक्रिया में भी अड़चन आ सकती है।
जिलों में कितनी बारिश
जिला बारिश
हिसार 2.6 एमएम
रोहतक 1.0 एमएम
चरखी-दादरी 7.0 एमएम
सोनीपत 0.5एमएम
गुरुग्राम 0.5 एमएम
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