हिमाचल डेस्कः दिल्ली से शिमला आ रही एचआरटीसी की वोल्वो बस के चालक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। कच्चीघाटी क्षेत्र में ओवरटेकिंग को लेकर हुए विवाद के बाद स्कॉर्पियो सवार लोगों ने बस रोककर चालक की पिटाई कर दी। शिमला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया, जबकि फरार हुए अन्य 2 आरोपियों को ठियोग पुलिस ने डिटेन कर थाना बालूगंज पुलिस के हवाले कर दिया, जहां उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। मामले की जांच जारी है।
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रविवार सुबह दिल्ली से शिमला आ रही एचआरटीसी वोल्वो बस जब कच्चीघाटी पहुंची, तो बस चालक ने एचआर नंबर की एक स्कॉर्पियो गाड़ी को ओवरटेक किया। इससे नाराज स्कॉर्पियो सवार लोगों ने बस को जबरन रुकवाया और चालक के साथ मारपीट शुरू कर दी। सूचना मिलते ही थाना बालूगंज पुलिस मौके पर पहुंची और दो आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया।
चालक ने क्या कहा?
बस चालक राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि स्कॉर्पियो सवार लोगों ने ओवरटेक करने की बात को लेकर उनके साथ मारपीट की और चलती बस से बाहर खींच लिया। उन्होंने बताया कि यदि समय रहते कंडक्टर ने हैंडब्रेक नहीं लगाया होता, तो बस में सवार करीब 40 यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी। चालक के अनुसार मारपीट में उनके सिर पर छह टांके लगे हैं। एसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
पंकज (33), पुत्र शिव कुमार, निवासी पंचकूला, हरियाणा
विकास कुमार (22), पुत्र विलक्षण राम, निवासी पंचकूला, हरियाणा
प्रतिभा, पत्नी विक्की कुमार, निवासी गांव अभयपुर, पंचकूला, हरियाणा
विक्की कुमार, पुत्र शिव कुमार, निवासी गांव अभयपुर, पंचकूला, हरियाणा
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश भी जारी है। शिमला पुलिस ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक सेवा में लगे कर्मचारियों के साथ हिंसक व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हिमाचल निजी बस ऑपरेटर संघ ने की निंदा
हिमाचल निजी बस ऑपरेटर संघ ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर और महासचिव रमेश कमल ने बयान जारी कर कहा कि बस चालक और परिचालक दिन-रात यात्रियों की सेवा में लगे रहते हैं तथा यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी चालक पर होती है। ऐसे में चलती बस से चालक को बाहर खींचना बेहद गंभीर और गलत कृत्य है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते परिचालक ने बस का ब्रेक न लगाया होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। संघ ने एचआरटीसी कर्मचारियों को पूरा सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
ड्राइवर यूनियन की चेतावनी
एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष मानसिंह ठाकुर ने चेतावनी दी है कि यदि इस घटना में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो पूरे प्रदेश में एचआरटीसी सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार और प्रशासन जिम्मेदार होंगे। मानसिंह ठाकुर ने कहा कि आए दिन सैलानियों द्वारा एचआरटीसी चालक और परिचालकों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं। उनका आरोप है कि सरकार की ओर से बरती जा रही ढिलाई के कारण ऐसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि अब “पानी सिर से ऊपर बहने लगा है” और ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना बेहद जरूरी हो गया है।
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