रोहतक। गांव गरनावठी की बेटी डॉ. कीर्ति ने भारतीय सेना में कैप्टन बनकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से गांव में खुशी और गर्व का माहौल है। खास बात ये है कि डॉ. कीर्ति गांव गरनावठी की पहली महिला अधिकारी बनी हैं, जिन्होंने भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में जगह बनाई है।
डॉ. कीर्ति एक साधारण परिवार से संबंध रखती हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा गांव सुंडाना के जीआरएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की। इसके बाद 12वीं की पढ़ाई रोहतक के एक सरकारी स्कूल से पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उनका चयन मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में हो गया था, लेकिन उन्होंने यहीं रुकने के बजाय अपनी उच्च शिक्षा भी जारी रखी। पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहने वाली डॉ. कीर्ति ने साल 2024 में कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज, मणिपाल से MBBS की डिग्री हासिल की।
इसके बाद उन्होंने नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में सेवाएं दीं और चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण अनुभव लिया। अपनी मेहनत, लगन और समर्पण के बल पर उन्होंने भारतीय सेना का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया और 30 मई को कैप्टन के पद पर नियुक्ति हासिल की। डॉ. कीर्ति की इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता का भी बड़ा योगदान रहा है। उनके पिता महाबीर सिंह और माता सुनीता रानी ने हर कदम पर उनका साथ दिया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
परिवार की मेहनत और बेटी की लगन का ही परिणाम है कि आज उन्होंने ये बड़ा मुकाम हासिल किया है। गांव के लोगों का कहना है कि डॉ. कीर्ति ने पूरे क्षेत्र का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। उनके गांव लौटने पर सम्मान समारोह आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों का मानना है कि उनकी सफलता गांव की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का हौसला देगी।
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