
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। ये गिरफ्तारी वीडियो फुटेज के आधार पर रातभर चली छापेमारी के बाद हो पाई।
ममता बनर्जी ने हमले को साजिश बताते हुए कहा कि अगर अभिषेक ने हेलमेट नहीं पहना होता तो जान चली जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में भर्ती अभिषेक को जल्द डिस्चार्ज कराने के लिए भारतीय जनता पार्टी के नेता और पुलिस दबाव बना रही है। बताते चलें कि अभिषेक पर शनिवार को दक्षिण सोनारपुर में हमला हुआ था, जहां वे चुनाव बाद हिंसा के पीड़ित कार्यकर्ताओं से मिलने गए थे। इसके अलवा तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने रविवार को चंडीतला में भाजपा कार्यकर्ताओं पर उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है।
हमले के बाद सांसद अभिषेक को पहले अपोलो अस्पताल ले जाया गया। ममता भी उनसे मिलने पहुंचीं। अपोलो में डॉक्टरों ने अभिषेक को घर पर आराम की सलाह दी। बाद में उन्हें बेले व्यू अस्पताल ले जाया गया। अभिषेक से मिलने के बाद ममता बनर्जी ने शनिवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस की। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और दक्षिण कोलकाता के डीसीपी की ओर से डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन को धमकी भरे फोन आ रहे थे। अगर अभिषेक की हालत गंभीर नहीं थी तो उन्हें इंटेसिव थैरेपी यूनिट (आईटीयू) में क्यों रखा गया? फिर अचानक उन्हें अस्पताल से छुट्टी क्यों दी गई? अब अभिषेक का इलाज घर पर ही होगा।
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