नेशनल डेस्क : भारत के ‘गोल्डन बॉय’ नीरज चोपड़ा ने दोहा डायमंड लीग 2025 में जैवलीन थ्रो (भाला फेंकने) में नया इतिहास रच दिया। नीरज ने 90.23 मीटर की दूरी तय कर अपना पर्सनल बेस्ट रिकॉर्ड बनाया और इस बेहतरीन प्रदर्शन से दुनिया में हलचल मचा दी। यह पहली बार था जब नीरज ने 90 मीटर के आंकड़े को पार किया। इस शानदार सफलता ने न केवल भारत को गर्व महसूस कराया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी नीरज की इस उपलब्धि से गदगद नजर आए। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
PM मोदी का अभिवादन
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीरज चोपड़ा को बधाई देते हुए एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “वाह! क्या शानदार उपलब्धि है! दोहा डायमंड लीग 2025 में 90 मीटर का आंकड़ा पार करने और अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो हासिल करने के लिए नीरज चोपड़ा को बहुत-बहुत बधाई। यह उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और जुनून का ही नतीजा है। पूरा भारत खुश है और गर्व कर रहा है।”
नीरज का ऐतिहासिक थ्रो और कांस्य पदक
नीरज चोपड़ा ने तीसरे प्रयास में 90.23 मीटर का थ्रो कर इतिहास रच दिया। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 89.94 मीटर था, जो उन्होंने 30 जून 2022 को स्टॉकहोम डायमंड लीग में किया था। इस रिकॉर्ड थ्रो के बावजूद, नीरज को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। जर्मनी के वेबर जूलियन ने 91.06 मीटर के साथ गोल्ड मेडल जीता। दिलचस्प यह है कि नीरज छह प्रयासों में से पांचवें थ्रो तक नंबर 1 पर थे, लेकिन छठे और आखिरी थ्रो में जूलियन उनसे आगे निकल गए।
A spectacular feat! Congratulations to Neeraj Chopra for breaching the 90 m mark at Doha Diamond League 2025 and achieving his personal best throw. This is the outcome of his relentless dedication, discipline and passion. India is elated and proud. @Neeraj_chopra1 pic.twitter.com/n33Zw4ZfIt
— Narendra Modi (@narendramodi) May 17, 2025
90 मीटर क्लब में शामिल होने की उपलब्धि
90 मीटर की दूरी सिर्फ एक आंकड़ा नहीं थी, बल्कि नीरज चोपड़ा के लिए यह एक चुनौती भी बन चुकी थी। वह कई बार इस आंकड़े के करीब पहुंचे थे, लेकिन हर बार 88 या 89 मीटर तक सीमित रह गए थे। जब नीरज ने तीसरे प्रयास में यह ऐतिहासिक थ्रो किया, तो पूरा स्टेडियम खुशी से झूम उठा। इस थ्रो के साथ नीरज अब उन चुनिंदा एथलीट्स में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने 90 मीटर क्लब में अपनी जगह बनाई। इस क्लब में ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता पाकिस्तान के अर्शद नदीम जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी पहले से शामिल हैं।
कोच जान जेलेज्नी का योगदान
नीरज चोपड़ा के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में उनके नए कोच जान जेलेज्नी की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। हाल ही में नीरज ने जर्मन कोच डॉ. क्लॉस बार्टोनिएट्ज को हटाकर तीन बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता चेक गणराज्य के जान जेलेज्नी को अपना कोच नियुक्त किया था। जान जेलेज्नी की कोचिंग में नीरज ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जो इस बात का प्रमाण है कि नीरज की मेहनत और कोच की रणनीति ने उन्हें इस सफलता तक पहुंचाया।
नीरज का चुनौतीपूर्ण मुकाबला
इस थ्रो के साथ नीरज ने यह साबित किया कि वह सिर्फ भारत के नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बेहतरीन जैवलीन थ्रोअर में से एक हैं। दोहा में यह नीरज का इस सीजन का पहला बड़ा मुकाबला था, जिसमें उन्होंने पीटर्स एंडरसन (ग्रेनेडा), याकुब वाडलेजच (चेकिया), जूलियस येगो (केन्या) और रॉड्रिक जेंकी डीन (जापान) जैसे दिग्गजों को चुनौती दी। इन सभी एथलीट्स के खिलाफ नीरज ने खुद को साबित किया।
भारत का गर्व
नीरज चोपड़ा के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन ने भारत को गर्व महसूस कराया है। उनकी सफलता ने केवल भारत बल्कि दुनिया भर में एथलेटिक्स के प्रति एक नई उम्मीद और जोश जगाया है। नीरज का यह कदम हमें यह याद दिलाता है कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास किसी भी लक्ष्य को हासिल करने का रास्ता होता है। भारत को नीरज चोपड़ा पर गर्व है, और वह इस रिकॉर्ड से नेशनल हीरो बन चुके हैं।