पंजाब पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले गैंग का किया पर्दाफाश, 12 लोग गिरफ्तार

चंडीगढ़: पुलिस के साइबर क्राइम थाना पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले एक गैंग का पर्दाफाश किया है। गैंग पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में फर्जी कॉल सेंटर चलाते हुए देश के कई हिस्सों में लोगों को अपना शिकार बनाता था। गैंग के कुल 12 मेंबर्स अभी तक पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।.

चंडीगढ़: पुलिस के साइबर क्राइम थाना पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले एक गैंग का पर्दाफाश किया है। गैंग पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में फर्जी कॉल सेंटर चलाते हुए देश के कई हिस्सों में लोगों को अपना शिकार बनाता था। गैंग के कुल 12 मेंबर्स अभी तक पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। पुलिस मामले में और गैंग मेंबर्स का पता लगाने में जुटी हुई है। अभी तक पुलिस आरोपियों से 22 मोबाइल फोन, 2 डेबिट कार्ड, 2 क्रेडिट कार्ड, एक बैंक पासबुक और 1 फर्जी आधार कार्ड बरामद कर चुकी है। 7 सितंबर, 2022 को दर्ज साइबर फ्रॉड के एक केस में यह गिरफ्तारियां की गई हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश का बरेली जिले के प्रापर्टी डीलर दन्ना खान, बिहार के सिवान जिले का मोबाइल शॉप संचालक सोनू कुमार, मोबाइल शॉप संचालक अनुज कुमार, बिहार के चंपारन जिले का अवैध शराब व्यापारी गोविंदा कुमार, ज्वैलरी शॉप में अकाउंटेंट अनूप कुमार, कोलकाता का क्रिप्टो करेंसी में डील करने वाला नीरज गुप्ता और उसका भाई ITC फूड, बेंगलोर में कार्यरत धीरज गुप्ता, झारखंड के देओगढ़ जिले का प्राइवेट जॉब करने वाला शहनवाज अंसारी, पश्चिम बंगाल का प्राइवेट जॉब करने वाला सफीक अंसारी उर्फ गुड्‌डू, प्राइवेट जॉब करने वाला युसुफ अंसारी, प्राइवेट जॉब करने वाला तनवीर आलम तथा प्राइवेट जॉब करने वाला इरफान अंसारी शामिल हैं। गुजरात सरकार के पूर्व एडवाइजर और रिटायर एयर मार्शल रविंदर कुमार की शिकायत पर यह केस दर्ज किया गया था। वह सेक्टर 31 में एयरफोर्स स्टेशन, 12 विंग में रहते हैं। सेक्टर 66-A, मोहाली में एक सोसाइटी में उन्होंने एक फ्लैट खरीदा था। वह PSPCL का रजिस्टर्ड मीटर लगवाना चाहते थे। वैबसाइट पर उन्हें एक हेल्पलाइन नंबर दिखा जिस पर उन्होंने कॉल की। यहां अमित कुमार नामक ठग ने गूगल पे लिंक भेज उनसे 3.26 लाख रुपए की ठगी कर ली थी।

पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि 1,11,500 रुपए M/s DK इंटरप्राइजेस के खाते में ट्रांसफर हुए थे। बरेली का दन्ना खान उसका प्रोपराइटर था। 23 नवंबर को उसकी गिरफ्तारी की गई। वहीं पाया गया कि 1,20,000 रुपए रेजर पे के जरिए क्रेडिट कार्ड का बिल भरने में इस्तेमाल हुए। यह अनुज और सोनू के नाम से थे। बिहार से उनकी गिरफ्तारी की गई। इसके अलावा चंपारन के गोविंदा और अनूप के कहने पर रकम ट्रांसफर हुई थी। ऐसे में पुलिस ने ट्रैप लगा गोविंदा और फिर अनूप को पकड़ा। पुलिस ने बताया कि गोविंदा पर गैरकानूनी शराब बेचने का केस दर्ज है। अनूप पर ब्लैकमनी का एक केस है। उसके कब्जे से 1.5 करोड़ रुपए कैश बरामद हुआ था। दोनों गोपाल गंज की जेल में मिले थे और गैंग बनाया था। पुलिस ने कहा कि इस गैंग का और जानकारी निकाली गई तो पता चला कि यह रकम आगे नीरज गुप्ता नामक आरोपी के खाते में जाती थी। जानकारी जुटा टीम कोलकाता गई और वहां से नीरज गुप्ता को गिरफ्तार किया। उसका खाता उसका भाई धीरज गुप्ता संभालता था। ऐसे में उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी धीरज से पूछताछ करने उसने बताया कि वह सफीक अंसारी उर्फ गुड्‌डू को सिम कार्ड और खाता नंबर मुहैया करवाए थे। वह पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में फर्जी कॉल सेंटर चलाता था। ऐसे में पुलिस ने खड़गपुर के स्लम एरिया में रेड की और वहां से शहनवाज अंसारी, सफीक अंसारी, युसुफ अंसारी, तनवीर आलम और इरफान अंसारी को काबू किया। यह एक पुराने घर में फर्जी कॉल सेंटर चला कर लोगों को लूटते थे। इनसे 15 मोबाइल फोन बरामद किए गए। आगे की जांच में पता चला कि सफीक अंसारी के पास झारखंड के किसी अमित कुमार के नाम से फर्जी आधार कार्ड था। इसका इस्तेमाल कर वह अपनी असली पहचान छिपाता था। धीरज इस गिरोह का मास्टरमांइड है जो पहले लोगों को मोबाइल टावर लगाने के नाम पर लूटता था। वह गैंग सदस्यों को सिम कार्ड और खातों के नंबर देता था। वहीं वह कूरियर हेल्पलाइन वैबसाइट्स पर फर्जी नंबर देता था।

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