नयी दिल्ली: वित्तीय अपराधों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने अपने कामकाज को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) लागू की हैं। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने अपने मासिक पुस्तिका में इस बात पर जोर दिया कि कॉरपोरेट कंपनियों को संगठन के भीतर धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए प्रभावी नियंत्रण एवं कामकाज के संचालन की रूपरेखा का क्रियान्वयन करना चाहिए। मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन आने वाले एसएफआईओ ने बीते वित्त वर्ष में 24 मार्च तक 145 कंपनियों के खिलाफ 23 मामलों की जांच रिपोर्ट जमा करवाई है।
वहीं 2021-22 के दौरान उसने 29 कंपनियों से संबंधित 13 मामलों की रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपी थी। मंत्रालय ने बताया कि एसएफआईओ की क्षमता बढ़ाई गई है और जांच एजेंसी ने अपने कामकाज को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न मानक संचालन प्रकियाओं को लागू किया है और नोटिस तथा समन में पारर्दिशता लाने के लिए कदम उठाए हैं। उसने आगे कहा, ‘‘एसएफआईओ ने वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के अपने प्रयास जारी रखे हैं। इस दौरान एजेंसी ने चीन की वाणिज्यिक इकाइयों द्वारा की गई धोखाधड़ी के मामलों की भी जांच की है।
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