चीनी आयत-निर्यात बैंक और सऊदी अरब के राष्ट्रीय बैंक के बीच आरएमबी में ऋण सहयोग शुरू हुआ। यह दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग बढ़ाने के लिए लाभदायक होगा। पिछले साल चीन और सऊदी अरब ने रणनीतिक सहयोग की 34 परियोजनाओं पर हस्ताक्षर किए, जिसमें तेल, हाइड्रोजन ऊर्जा, फोटोवोल्टिक, 5जी और प्रौद्योगिकी आदि शामिल हैं। आरएमबी के प्रयोग से ज्यादा सुविधा मिलेगी और लागत व जोखिम भी कम होगी।
रूस-यूक्रेन मुठभेड़ होने के बाद अमेरिका और पश्चिमी देशों ने रूस पर स्विफ्ट जैसे व्यापक वित्तीय प्रतिबंध लगाए। इससे अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक नियम पर नुकसान पहुंचा। अब विश्व व्यापार बड़ी हद तक डॉलर पर निर्भर रहता है। नई स्थिति में सभी देशों को वित्तीय सुरक्षा पर ध्यान देना पड़ेगा। चीनी अर्थव्यवस्था के सतत विकास और आरएमबी की विशेषता पर दुनिया का ध्यान खींचा गया। आरएमबी का ज्यादा प्रयोग सऊदी अरब की वित्तीय संतुलन और स्थिरता के लिए लाभदायक होगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)