“पुराने और युवा” चीन-जीसीसी संबंध अधिक जीवंत होंगे

9 दिसंबर को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में आयोजित पहले चीन-खाड़ी सहयोग परिषद(जीसीसी) शिखर सम्मेलन में भाग लिया और मुख्य भाषण दिया। इस शिखर सम्मेलन में यह पहला मौका है जब चीन और जीसीसी देशों के नेताओं ने एक साथ होकर चीन-जीसीसी सहयोग के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की।.

9 दिसंबर को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में आयोजित पहले चीन-खाड़ी सहयोग परिषद(जीसीसी) शिखर सम्मेलन में भाग लिया और मुख्य भाषण दिया। इस शिखर सम्मेलन में यह पहला मौका है जब चीन और जीसीसी देशों के नेताओं ने एक साथ होकर चीन-जीसीसी सहयोग के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने चीन-जीसीसी रणनीतिक साझेदारी को स्थापित करने और मजबूत करने का फैसला किया, जो इस शिखर सम्मेलन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। और चीन-जीसीसी सहयोग का एक नया चरण शुरू हुआ।। 

जीसीसी खाड़ी क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक और आर्थिक संगठन है, और इसके सदस्य देशों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन शामिल हैं। पिछले 10 वर्षों में, चीन और जीसीसी के बीच सहयोग ने उपयोगी परिणाम प्राप्त किए हैं। चीन ने कई वर्षों तक जीसीसी के सबसे बड़े व्यापारिक भागीदार की स्थिति को बनाए रखा है। चीन और जीसीसी के छह देशों ने “बेल्ट एंड रोड” के सहनिर्माण पर सहयोग दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए हैं। चीन और जीसीसी के बीच संबंध जीवन शक्ति से भरे हुए हैं। 

वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय स्थिति अशांत है, और विश्व अर्थव्यवस्था की नाजुक स्थिति अधिक प्रमुख है, विशेष रूप से खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा दुनिया को परेशान कर रही है। दोनों पक्षों ने चीन-जीसीसी रणनीतिक साझेदारी को स्थापित करने और मजबूत करने का फैसला किया, जो उनके अपने विकास और यहां तक ​​कि वैश्विक शांति और विकास के लिए नए अवसर लाएगा।

चीन व जीसीसी किस प्रकार के रणनीतिक भागीदार होना चाहिए? राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने चार प्रस्ताव पेश किए कि एक साथ एकता बढ़ाने वाले भागीदार बनें, समान विकास की तलाश करने वाले एक साथ सुरक्षा का निर्माण करने वाले भागीदार बनें, एक साथ सभ्यता को बढ़ाने वाले भागीदार बनें। ये चार प्रस्ताव न केवल राजनीतिक आपसी विश्वास पर ध्यान केंद्रित करते हैं, बल्कि विकास और सुरक्षा के मुद्दों पर जोर देते हुए मानव सभ्यता की प्रगति में योगदान देने के दृष्टिकोण से चीन-जीसीसी  संबंधों के विकास के लिए दिशा दिखाते हैं।

वर्तमान शिखर सम्मेलन में, राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि चीन जीसीसी देशों से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करना जारी रखेगा और लिक्विड प्राकृतिक गैस के आयात का विस्तार करेगा, साथ ही, स्वच्छ और कम कार्बन ऊर्जा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग  मजबूत करेगा। चीन जीसीसी देशों के साथ बिग  डेटा और क्लाउड कंप्यूटिंग केंद्र का सह-निर्माण करने, 5जी और 6जी तकनीकी सहयोग को मजबूत करने को तैयार है, जिससे न केवल चीन-जीसीसी संबंधों के नए चरण में ऊर्जा सहयोग के लिए मार्ग की योजना बनायी गयी, बल्कि चीन-जीसीसी उच्च-तकनीकी सहयोग को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया गया और दोनों पक्षों के आर्थिक समाज को नयी प्रेरक शक्ति मिलेगी। एक नए ऐतिहासिक शुरुआती बिंदु पर खड़े होकर, “पुराने और युवा” चीन-जीसीसी संबंध निश्चित रूप से अधिक जीवन शक्ति के साथ चमकेंगे।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

 

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