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“अमेरिका का आधिपत्य और इसके नुकसान” शीर्षक रिपोर्ट जारी

February 20, 2023

“अमेरिका का आधिपत्य और इसके नुकसान” शीर्षक रिपोर्ट जारी

चीनी विदेश मंत्रालय की वैबसाइट ने 20 फरवरी को “अमेरिका का आधिपत्य और इसके नुकसान” शीर्षक रिपोर्ट जारी की, जिसने तथ्यों का हवाला देकर अमेरिका के राजनीतिक, सैन्य, आर्थिक, वित्तीय, तकनीकी और सांस्कृतिक आधिपत्य का दुरुपयोग करने वाले सभी प्रकार के बुरी कार्रवाइयों को उजागर किया, और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को उस गंभीर नुकसान के बारे में अधिक जागरूक किया, जो अमेरिका की कार्रवाइयों ने विश्व शांति और स्थिरता और सभी देशों में लोगों की भलाई के लिए लाया है। रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका दो विश्व युद्धों और शीत युद्ध के बाद दुनिया की नंबर एक शक्ति बन गया है। इसके बाद वह अन्य देशों के आंतरिक मामलों में क्रूरता से हस्तक्षेप करता है, आधिपत्य की तलाश करता है, आधिपत्य बनाए रखता है, और आधिपत्य का दुरुपयोग करता है। अमेरिका ने कई बार युद्ध शुरू किया, जिसने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को नुकसान पहुँचाया।

साथ ही, अमेरिका लोकतंत्र, स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की आड़ में क्षेत्रीय विवादों को भड़काता है, और यहां तक कि सीधे तौर पर युद्ध करता है। अमेरिका शीत युद्ध की मानसिकता का पालन करते हुए समूह राजनीति अपनाता है, और टकराव को भड़काता है। वह निर्यात नियंत्रणों का दुरुपयोग करता है और एकतरफा प्रतिबंध लगाता है। अमेरिका “नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था” के बैनर तले स्वयं के हित को बनाए रखता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि चीन हमेशा आधिपत्य, बल की राजनीति, और अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का विरोध करता है। अमेरिका को अपनी कार्रवाई की गहराई से जांच करके आत्मचिंतन करना चाहिए। अभिमान, पक्षपात और आधिपत्य को त्यागना चाहिए।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका न केवल बौद्धिक संपदा संरक्षण के नाम पर बौद्धिक संपदा एकाधिकार में संलग्न है, और वैज्ञानिक और तकनीकी मुद्दों का राजनीतिकरण तथा शस्त्रीकरण भी करता है। वह लोकतंत्र की आड़ में तकनीकी आधिपत्य बनाए रखता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा की अवधारणा को सामान्यीकृत किया है और चीनी कंपनी हुआवेई को दबाने और प्रतिबंधित करने के लिए राज्य शक्ति का इस्तेमाल किया है। उसने अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा वाले चीनी उच्च-तकनीकी उद्यमों को दबाने के लिए विभिन्न बहाने गढ़े है, और 1000 से अधिक चीनी कंपनियों को विभिन्न प्रतिबंध सूची में शामिल किया है। साथ ही, अमेरिका चीन के वैज्ञानिक और तकनीकी कर्मियों पर अपनी नीति में दोहरा मापदंड अपनाता है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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