यह “मील का पत्थर” चीन और अरब देशों को बेहतर भविष्य की ओर ले जाता है

9 दिसंबर को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में आयोजित पहले चीन-अरब देशों के शिखर सम्मेलन में मुख्य भाषण दिया। इसमें उन्होंने और घनिष्ठ चीन-अरब साझे भाग्य समुदाय के निर्माण पर जोर देते हुए चीन-अरब व्यावहारिक सहयोग के लिए “आठ सामान्य कार्य” प्रस्तावित किये। दोनों पक्षों ने परिणाम दस्तावेज जारी.

9 दिसंबर को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में आयोजित पहले चीन-अरब देशों के शिखर सम्मेलन में मुख्य भाषण दिया। इसमें उन्होंने और घनिष्ठ चीन-अरब साझे भाग्य समुदाय के निर्माण पर जोर देते हुए चीन-अरब व्यावहारिक सहयोग के लिए “आठ सामान्य कार्य” प्रस्तावित किये। दोनों पक्षों ने परिणाम दस्तावेज जारी किया, जिसमें नए युग के उन्मुख चीन-अरब साझे भाग्य समुदाय के निर्माण के लिए हर संभव प्रयास करने पर सहमति जतायी गयी। यह वर्तमान शिखर सम्मेलन की सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि है।

यह शिखर सम्मेलन नए चीन की स्थापना के बाद अरब देशों के नेताओं के साथ सामूहिक रूप से आयोजित पहला शिखर सम्मेलन है, जो चीन-अरब सहयोग मंच को एक नए स्तर पर ले जाने का द्योतक है और नयी स्थिति में दोनों पक्षों की आपसी लाभ वाले सहयोग को मजबूत करने की समान अपेक्षा को दर्शाता है।

वर्तमान में, दुनिया ने उथल-पुथल और परिवर्तन की नई अवधि में प्रवेश किया है। विश्व अर्थव्यवस्था की बहाली कमजोर है, स्थानीय संघर्ष और उथल-पुथल अक्सर होती है, और कुछेक पश्चिमी शक्तियां एकतरफावाद और आधिपत्यवाद का पीछा कर रही हैं, जिससे अन्य देशों की शांति और विकास में बाधाएं खड़ी होती हैं। और घनिष्ठ चीन-अरब साझे भाग्य समुदाय का निर्माण करने से दोनों पक्षों के अपने-अपने विकास लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

नए युग के उन्मुख चीन-अरब साझे भाग्य समुदाय का निर्माण कैसे करें? शिखर सम्मेलन में चीन ने न केवल विचार, बल्कि कार्य योजना भी सामने रखी।

हमें स्वतंत्रता का पालन करना और सामान्य हितों की रक्षा करनी चाहिए” “हमें आर्थिक विकास पर ध्यान देना और सहयोग व उभय जीत को बढ़ावा देना चाहिए” “हमें क्षेत्रीय शांति बनाए रखनी और सामान्य सुरक्षा प्राप्त करनी चाहिए” “हमें सभ्यताओं के आदान-प्रदान को मजबूत करना और समझ व विश्वास को बढ़ाना चाहिए”—–शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तावित ये चार प्रस्ताव चीन और अरब देशों के बीच चौतरफा सहयोग को मजबूत करने की व्यावहारिक जरूरतों को पूरा करते हैं, और नए युग के उन्मुख चीन-अरब साझे भाग्य समुदाय के निर्माण के लिए दिशा दिखाते हैं।

इस शिखर सम्मेलन में शी चिनफिंग ने जोर देकर कहा कि चीन अरब देशों का स्वतंत्र रूप से अपनी राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुकूल विकास पथ की खोज करने में समर्थन करता है। फिलीस्तीन के मुद्दे के बारे में, जो मध्य पूर्व के मुद्दे का मूल है, शी चिनफिंग ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को “दो-राज्य समाधान” पर कायम रहना चाहिए। चीन फिलीस्तीन को मानवीय सहायता देना जारी रखेगा और आजीविका संबंधी परियोजनाओं को लागू करने में फिलीस्तीन का समर्थन करेगा।

चीन को अरब देशों की जरूरत है और अरब देशों को भी चीन की जरूरत है। नए खाके के मार्गदर्शन में, चीन-अरब संबंधों में सुधार और उन्नयन किया जाएगा, जिससे दोनों देशों के लोगों को बेहतर लाभ मिलेगा और विश्व शांति व विकास में अधिक योगदान दिया जाएगा।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

 

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