तिब्बत संबंधी सवाल चीन का है अंदरूनी मामला

तिब्बत के मानवाधिकार मुद्दे पर अमेरिकी पक्ष ने हाल में अनुचित बात कही। इसकी चर्चा में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वनपिन ने 12 दिसम्बर को राजधानी पेइचिंग में आयोजित एक नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि तिब्बत संबंधी सवाल चीन का अंदरूनी मामला है, किसी भी देश को इसमें हस्तक्षेप करने का अधिकार.

तिब्बत के मानवाधिकार मुद्दे पर अमेरिकी पक्ष ने हाल में अनुचित बात कही। इसकी चर्चा में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वनपिन ने 12 दिसम्बर को राजधानी पेइचिंग में आयोजित एक नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि तिब्बत संबंधी सवाल चीन का अंदरूनी मामला है, किसी भी देश को इसमें हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।

वांग वनपिन ने कहा कि अमेरिका ने अमेरिका के कानून के मुताबिक तथाकथित तिब्बती मानवाधिकार सवाल के बहाने चीन के पदाधिकारियों के खिलाफ गैरकानूनी प्रतिबंध लगाया। अमेरिका की कार्रवाई ने चीन के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप किया है और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया है। चीन इसका कड़ा विरोध करता है। वांग ने कहा कि अमेरिका को दूसरे देश के खिलाफ पाबंदी लगाने का अधिकार नहीं है। अमेरिका विश्व पुलिस नहीं है। चीन अमेरिका से तथाकथित पाबंदी को उठाने और तिब्बती मामलों और चीन के अंदरूनी मामलों में दखलंदाजी बंद करने का आह्वान करता है। चीन खुद के कानूनी हितों की रक्षा करने के लिए प्रबल कदम उठाएगा।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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