नेशनल डेस्क: पहलगाम में हुई हालिया घटना के बाद पर्यटक अब जम्मू-कश्मीर लौटने लगे हैं। यूरोप से विदेशी पर्यटक घाटी पहुंचने लगे हैं, जिसे कई लोगों ने इसे स्वागत योग्य बताया है और दूसरों को भी यहां आने के लिए प्रोत्साहित किया है।
हम यहां सुरक्षित महसूस करते हैं: विदेशी पर्यटक
पोलैंड की एक पर्यटक कैरोलिना ने अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए कहा, “कश्मीर में मेरा यह पहला दौरा नहीं है, हम यहां सुरक्षित महसूस करते हैं। कश्मीरी लोग हमेशा मुस्कुराते रहते हैं। इस साल मेरी कंपनी के तीन समूह यहां आ रहे हैं, कुल 60 लोग यहां आएंगे। ”
लोग बहुत मिलनसार हैं: पर्यटक मार्गरेट
वहीं, अन्य विदेशी पर्यटक मार्गरेट ने पहली बार घाटी की सुंदरता को निहारा और खुशी जाहिर करते हुए कहा, “मैं पहली बार यहां आई हूं, और लोग बहुत मिलनसार और मेहमाननवाज हैं। यहां देखने के लिए बहुत कुछ है। यह जगह सुरक्षित है, और लोगों को यहां आना चाहिए।”
पहलगाम त्रासदी ने पर्यटन की प्रतिष्ठा को प्रभावित किया
वहीं, एक अंतरराष्ट्रीय टूर गाइड, यूनिस ने पहलगाम त्रासदी के जम्मू और कश्मीर के पर्यटन पर पड़ने वाले प्रभाव को स्वीकार किया। उन्होंने कहा, “पहलगाम में हुई दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी ने कश्मीर के पर्यटन की प्रतिष्ठा और विश्वास को प्रभावित किया। लेकिन पोलिश दूतावास और यूरोपीय संघ के सदस्यों के साथ हमारे संयुक्त प्रयासों से, हमने कश्मीर में पर्यटन को पुनर्जीवित करने का काम किया है।”
हमले में मारे गए थे 26 लोग
बता दें कि, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में पहलगाम घाटी के बैसरन में हुए एक नृशंस आतंकवादी हमले में कुल 26 लोग मारे गए थे जिनमें ज्यादातर पर्यटक शामिल थे। इस हमले के बाद पर्यटकों ने जम्मू-कश्मीर की बुंकिंग को रद्द करना शुरू कर दिया था, जिससे व्यापारिक तौर पर काफी नुकसान हुआ था।
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