करनाल। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि धान घोटाले के बाद अब गेहूं खरीद में भी गड़बड़ी की तैयारी है।
अनाज मंडियों में की किसानों से बात
वे करनाल की अनाज मंडी में पहुंचे थे। करनाल अनाज मंडी में पूर्व मंडी प्रधान रजनीश चौधरी के कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने मंडी की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और किसानों से बातचीत की। इस दौरान हुड्डा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि फसल बेचने आए किसानों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, मानो वे कोई अपराधी हों। उन्होंने कहा कि प्रदेश का किसान इस अपमान को सहन नहीं करेगा।
‘किसानों को परेशान कर रही सरकार’
उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान लगातार परेशान है और सरकारी प्रक्रियाएं इस तरह बनाई जा रही हैं, जिससे उसे दिक्कतें झेलनी पड़ें और वह मजबूरी में अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर बेच दे। उन्होंने कहा कि मंडियों में किसानों के साथ हो रहा व्यवहार बेहद चिंताजनक है। आईएएस अधिकारियों के निलंबन के मुद्दे पर हुड्डा ने कहा कि राज्य में लगातार घोटाले सामने आ रहे हैं। कुछ उजागर हो जाते हैं, जबकि कई दबे रह जाते हैं, जो प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने प्रदेश के बढ़ते कर्ज का जिक्र करते हुए कहा कि 1966 से 2014 तक हरियाणा पर करीब 70 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अब बढ़कर लगभग 5 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। उनके अनुसार, मौजूदा शासन में हर व्यक्ति पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है।
बोले- प्रदेश में बढ़ रहे अपराध
हुड्डा ने कहा कि पहले हरियाणा प्रति व्यक्ति आय, निवेश, कानून व्यवस्था, खेल और रोजगार के क्षेत्र में अग्रणी था, लेकिन अब स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने सोशल प्रोग्रेसिव इंडेक्स का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हुई है और संगठित अपराध बढ़े हैं। शिक्षा व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि प्राइमरी स्कूल बंद किए जा रहे हैं और जहां स्कूल हैं, वहां पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। कई जगह शिक्षकों को अन्य ड्यूटी में लगा दिया गया है, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘मेरी फसल, मेरा ब्यौरा’, पटवारी सत्यापन, गेट पास और बायोमेट्रिक जैसी प्रक्रियाएं किसानों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। सरकार भले ही 48 घंटे में भुगतान का दावा करती हो, लेकिन न खरीद समय पर हो रही है और न ही उठान, जिससे किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।
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