करनाल। एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष एमएस बिट्टा ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर विचार रखे। उन्होंने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।
उनके अनुसार हाल के वैश्विक संघर्षों और नीतियों की गलतियों की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अस्थिरता और डर का माहौल बना है। पीएम के नेतृत्व में भारत हमेशा मानवता और शांति के पक्ष में खड़ा रहा। उन्होंने भारत की विदेश नीति और नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश हमेशा मानवता और शांति के पक्ष में खड़ा रहा है। एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एमएस बिट्टा ने चंडीगढ़ में बीजेपी दफ्तर के बाहर हुए ब्लास्ट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में हो रही आतंकी गतिविधियों के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का हाथ है। उन्होंने कहा कि भले ही अलग-अलग संगठनों के नाम सामने आते हैं, लेकिन उनका संचालन एक ही जगह से किया जा रहा है और इसका उद्देश्य देश में भय और अस्थिरता फैलाना है।
बिट्टा ने कहा कि उनके अनुभव के अनुसार देश में सक्रिय आतंकी या खालिस्तानी ताकतें अलग-अलग नहीं हैं। उन्होंने बब्बर खालसा, खालिस्तान कमांडो फोर्स और लश्कर-ए-तैयबा का जिक्र करते हुए कहा कि ये केवल चेहरे हैं, जबकि असली साजिश आईएसआई रचती है।
उन्होंने लाल किले पर हुए हमले सहित अन्य घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनकी जड़ एक ही नेटवर्क से जुड़ी रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशों में बैठे कुछ भगोड़े खालिस्तान के नाम पर शरण लेकर वहीं से भारत के खिलाफ साजिशें रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि मामूली रकम में भी आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिलाया जा रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
गुरदासपुर में दो पुलिसकर्मियों की हत्या का जिक्र करते हुए बिट्टा ने कहा कि समाज के जिम्मेदार लोगों को ऐसे मामलों पर खुलकर सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिख समाज मानवता की रक्षा के लिए जाना जाता है, न कि हिंसा फैलाने के लिए।
बिट्टा ने कहा कि पंजाब में युवाओं को सही दिशा देने के लिए सकारात्मक माहौल और अच्छे मार्गदर्शकों की जरूरत है। उन्होंने कनवर ग्रेवाल का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे कलाकार समाज को जागरूक कर सकते हैं। उन्होंने कनाडा में मंदिरों के बाहर हो रहे प्रदर्शनों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना उचित नहीं है। उन्होंने समाज से ऐसे तत्वों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
बिट्टा ने कहा कि गुरुद्वारों में समाज को एकजुट कर यह संदेश दिया जाना चाहिए कि देश सर्वोपरि है और किसी भी तरह के अलगाववाद का समर्थन नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदू और सिखों का संबंध ऐतिहासिक और मजबूत है, जिसे किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं किया जा सकता। युद्ध के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जंग किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। इसके कारण आम जनता पर महंगाई और अन्य प्रभाव पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा विश्व शांति के पक्ष में रहा है और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह भूमिका और सशक्त हुई है।
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