जम्मू। श्री बाबा अमरनाथ यात्रा के लिए लंगर लगाने की अनुमति संगठनों को मिल गई है। ये अनुमति अलग-अलग तीन बार में मिली है। ये यात्रा कब शुरू होगी, कितने दिन चलेगी और कब समापन होगी। आईये जानते हैं सब।
अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड ने पहलगाम और बालटाल से लेकर पवित्र गुफा तक लंगर लगाने की अनुमति दे दी है। बोर्ड ने पहले 27, फिर 31 इसके बाद 51 संगठनों को इसकी अनुमति प्रदान की है। यानी कि कुल 109 संगठन लंगर लगाएंगे। बालटाल और नुनवान में टेंट सिटी भी बनाई जाएगी। इसमें 10-10 हजार श्रद्धालुओं के रुकने की व्यवस्था रहेगी। बाबा अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी। यह कुल 57 दिन चलेगी। इसका समापन 28 अगस्त को रक्षा बंधन वाले दिन होगा।
श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड हर साल यात्रा के मार्गों पर 120 के आसपास संगठनों को लंगर लगाने की अनुमति देता है। अभी कुछ और लंगर संगठनों को बोर्ड लंगर लगाने की अनुमति दी जा सकती है। अधिकतर लंगर पंजाब, दिल्ली, गुजरात और उत्तर प्रदेश राज्यों से लगाए जाते हैं। जम्मू पठानकोट, जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंगर लगाने की मंजूरी संबंधित जिलों के डिप्टी कमिश्नर देते हैं। जम्मू के यात्री निवास, रामबन के चंद्रकोट में यात्री निवास, पंथाचौक श्रीनगर में यात्री निवास में भी लंगर लगाए जाएंगे। बाबा अमरनाथ यात्रा की तैयारियां जोरो पर है।
यात्रा के दोनों मार्गों पर बर्फ हटाने का काम चल रहा है। जिला प्रशासन और श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की कोशिश है कि बर्फ हटाने और रास्तों की मरम्मत और ढांचे तैयार करने के प्रबंध 15 जून तक हो जाएं। लंगर लगाने वाले संगठनों ने राशन सामग्री, शेड और अन्य समान को इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। राशन सामग्री के ट्रक 15 जून के आसपास स्थानों से पहलगाम और बालटाल के लिए रवाना हो जाएंगे। यात्रा से एक सप्ताह पहले लंगर लगा दिए जाएंगे। बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी पूरे आकार में विराजमान है। इस संबंध में वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें सुरक्षा बल दर्शन कर रहे हैं।
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