नेशनल डेस्कः प्रधानमंत्री Narendra Modi रविवार को तेलंगाना के दौरे पर पहुंचे। हैदराबाद में उन्होंने कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसके बाद सिकंदराबाद में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। अपने भाषण में पीएम मोदी ने देश की आर्थिक स्थिति, दुनिया में चल रहे युद्ध और बढ़ती महंगाई का ज़िक्र करते हुए लोगों से विदेशी मुद्रा बचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश को मजबूत बनाने के लिए सिर्फ सरकार ही नहीं, बल्कि हर नागरिक को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
दुनिया में युद्ध और सप्लाई चेन संकट का असर
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले दो महीनों से भारत के पड़ोसी क्षेत्र में बड़ा युद्ध चल रहा है। इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ा है। युद्ध की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल, गैस और खाद जैसी चीज़ों की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं। उन्होंने बताया कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है। पेट्रोल, डीजल, गैस और खाद के लिए भारत को काफी विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। ऐसे में दुनिया में संकट बढ़ने से भारत पर भी आर्थिक दबाव बढ़ा है।
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सरकार जनता पर बोझ कम करने की कोशिश कर रही है
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि बढ़ती कीमतों का बोझ सीधे आम लोगों पर न पड़े। सरकार खुद आर्थिक दबाव झेल रही है ताकि नागरिकों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि अगर दुनिया में सप्लाई चेन की समस्या बनी रहती है, तो मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। इसलिए अब पूरे देश को मिलकर काम करना होगा।
देशभक्ति सिर्फ मरने में नहीं, जिम्मेदारी निभाने में भी
पीएम मोदी ने कहा कि देशभक्ति का मतलब सिर्फ देश के लिए जान देना नहीं होता। देश के लिए जिम्मेदारी निभाना और मुश्किल समय में देश का साथ देना भी सच्ची देशभक्ति है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर देश की मदद कर सकते हैं।
खाने के तेल का कम इस्तेमाल करने की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत खाने के तेल का भी बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगाता है। इसके लिए काफी विदेशी मुद्रा खर्च होती है। उन्होंने लोगों से कहा कि अगर हर परिवार खाने में तेल का इस्तेमाल थोड़ा कम कर दे, तो इससे देश को फायदा होगा। पीएम मोदी ने कहा इससे विदेशी मुद्रा बचेगी, देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, लोगों की सेहत भी बेहतर होगी। उन्होंने मजाकिया अंदाज़ में कहा कि इससे “देश सेवा” भी होगी और “देह सेवा” भी।
एक साल तक सोना न खरीदने की सलाह
प्रधानमंत्री मोदी ने सोने की खरीद का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत में सोना बड़ी मात्रा में विदेशों से आता है और इसे खरीदने में बहुत विदेशी मुद्रा खर्च होती है। उन्होंने पुराने समय को याद करते हुए कहा कि जब देश पर संकट आता था, तब लोग देशहित में अपना सोना तक दान कर देते थे। हालांकि उन्होंने साफ किया कि अभी दान देने की जरूरत नहीं है, लेकिन लोग अगर एक साल तक सोने के गहने खरीदने से बचें, तो इससे देश को आर्थिक मदद मिल सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की “अगर घर में कोई कार्यक्रम हो, तब भी कोशिश करें कि एक साल तक सोने के गहने न खरीदें।”
कांग्रेस ने बयान की आलोचना की
प्रधानमंत्री के इस बयान पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार को आर्थिक संकट से निपटने के लिए बड़े कदम उठाने चाहिए, लेकिन वह जनता से त्याग करने की अपील कर रही है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार आर्थिक समस्याओं का बोझ आम लोगों पर डाल रही है।