
पंचकूला। पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश का किसान पीड़ित भी है और प्रताड़ित भी। मंडियों में अब तक 17.37 लाख मीट्रिक टन अनाज आया है, जिसमें से केवल 3.92 लाख मीट्रिक टन की खरीद हुई है।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मुख्यमंत्री को अधिकारी सही सूचना नहीं दे रहे, क्योंकि यदि 3.92 लाख मीट्रिक टन को 2585 रुपये से गुणा करें तो लगभग एक हजार 30 करोड़ बनता है। ऐसे में एक प्रतिशत से भी कम किसानों को पैसा पहुंचा है। इससे स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री को नहीं पता कि प्रोक्योरमेंट कैसे होती है। असल में सरकार के गोदाम में अनाज पहुंचने के बाद ही पैसा रिलीज किया जाता है।
दुष्यंत चौटाला ने बताया कि फिलहाल तो सरकार बायोमेट्रिक, लिफ्टिंग और बारदाना की व्यवस्था भी नहीं बना सकी है। जबकि दूसरी बार बेमौसमी बरसात से नुकसान पर मुख्यमंत्री ने चार जिलों में राहत के आदेश दिए हैं। चौटाला ने कहा कि मुख्यमंत्री की इस पिक एवं चूज पॉलिसी से पता लगता है कि उनका समूचे प्रदेश पर ध्यान नहीं है। कहा कि सिरसा, फतेहाबाद और भिवानी में ओलावृष्टि हुई। जबकि हांसी, हिसार, यमुनानगर समेत पंचकूला और अंबाला बेल्ट में बारिश और तेज हवाओं के चलते, जहां पानी भी जमा था।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उन्होंने मोना और झज्जर मंडी में हैफेड के अधिकारियों और मार्केट कमेटी के सेक्रेटरी से पूछा कि 12 मॉइश्चर से कम की गेहूं की खरीद क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने इसका कारण लस्टर लॉस, यानी कि दाने की चमक कम होना या उसका काला पड़ने की अप्रूवल नहीं बताया। जबकि इससे अगली जांच करने पर पता लगा कि हरियाणा सरकार की ओर से लस्टर लॉस संबंधी छूट करने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह ही नहीं किया गया है. नतीजतन इस बार किस को नुकसान उठाना पड़ेगा।
दुष्यंत चौटाला ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मांग की है कि यदि 3.92 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है तो वो किसान का एक हजार करोड़ रुपये तुरंत रिलीज करवाएं। साथ ही तुरंत प्रभाव से लस्टर लॉस के लिए केंद्र सरकार से आग्रह कर अनुमति लेकर किसान के अनाज को मंडी में होल्ड ना किया जाए, क्योंकि 12 व 13 अप्रैल को भी बारिश की संभावना है।
दुष्यंत चौटाला ने हाल ही में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से नगर निगम पंचकूला के चुनाव संबंधी वार्डबंदी को लेकर आए फैसले पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि पंचकूला निगम में एससी सीट कम कर वार्डबंदी भी गलत तरीके से की गई। उम्मीद जताई कि एससी वार्ड की संख्या दोबारा चार करने का काम किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने अपनी पार्टी की स्टेट बॉडी की बैठक बुलाकर चुनाव संबंधी फैसला लेने की बात कही।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पिछले चार राज्यसभा चुनाव में से एक ही कांग्रेसी उम्मीदवार जीता है, क्योंकि सेटिंग थी, नतीजतन भाजपा ने तीसरा उम्मीदवार सामने ही नहीं किया। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में कांग्रेस ने एक बात तय कर दी है कि 2028 में कार्तिकेय शर्मा और सुभाष बराला की सीट खाली होने पर कांग्रेस को उम्मीदवार उतारने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि ऐसे आंकड़े खुद कांग्रेस ने निकाले हैं।
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