चंडीगढ़। किसान प्रदेश का एक बार फिर चक्का जाम करने जा रहे हैं। किसान संगठनों ने संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले 11 अप्रैल को बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी है। प्रदेश के हर जिले में एक नेशनल हाईवे जाम करने का ऐलान किया है।
प्रदर्शन के मामले में पुलिस अलर्ट
किसानों के प्रदर्शन के लिए पुलिस भी अलर्ट हो गई है। डीजीपी अजय सिंघल ने सभी जिलों में ट्रैफिक डायवर्जन और मंडियों के बाहर निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि धरना-प्रदर्शन के दौरान शरारती तत्व माहौल खराब कर सकते हैं, इसलिए पुलिस को पहले से पूरी तैयारी रखनी होगी। सभी जिलों को ट्रैफिक डायवर्जन प्लान बनाने, पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं। डीजीपी ने किसान नेताओं से भी समन्वय बनाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, किसान संगठनों ने साफ कह दिया है कि सड़क जाम के दौरान एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को रास्ता दिया जाएगा, लेकिन सामान्य वाहनों को इस दौरान रोका जाएगा।
किसान इसलिए कर रहे विरोध
किसान रबी के सीजन में फसलों की खरीब के नए नियमों का विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि सरकार ने मनमर्जी से नए नियम लागू कर दिए हैं। अधिकारी धान खरीद में गड़बड़ी कर रहे हैं, लेकिन उसका बोझ किसानों पर डाल दिया गया। नए नियमों को वापस लेने के लिए किसान संगठनों ने सरकार को 10 अप्रैल तक का समय दिया था, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया, जिसके बाद संगठनों ने प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। किसानों ने सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक मंडियों में तौल बंद करने का भी फैसला लिया है।
Also Read : संत रामपाल रिहा, जानें इंजीनियर से कैसे बना संत
Also Read : चंडीगढ़ ब्लास्ट पर बोले बिट्टा : नाम अलग, साजिश एक
Also Read : पुरुष वर्ग की 100 मीटर दौड़ में अनुज प्रथम
Also Read : खुशियों, मेहनत और आस्था का पर्व है बैसाखी
ये भी पढ़ें: ‘जग विक्रम’ ने सुरक्षित पार किया होर्मुज जलडमरूमध्य, जल्द मुंबई पहुंचने की उम्मीद: सरकार

