हरियाणा डेस्कः मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में स्कूली शिक्षा और अनुशासन को लेकर कई अहम और सख्त फैसले लिए गए। इस बैठक में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के शिक्षा मंत्री भी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार और उनके समग्र विकास के लिए नई गाइडलाइंस तय करना रहा।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भीषण गर्मी को देखते हुए प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश (Summer Vacation) रहेगा। यह फैसला बच्चों को तेज धूप और लू से राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है।
क्लासरूम में मोबाइल के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध
शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और अनुशासित बनाने के लिए शिक्षा मंत्री ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए कहा कि अब सरकारी स्कूलों के शिक्षक कक्षा के भीतर मोबाइल फोन का उपयोग नहीं कर सकेंगे। उनका कहना है कि पढ़ाई के दौरान मोबाइल के इस्तेमाल से छात्रों का ध्यान भटकता है और शिक्षण की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इसलिए क्लास के दौरान शिक्षकों का पूरा ध्यान केवल बच्चों को पढ़ाने पर होना चाहिए।
स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल होगा ‘श्रमदान’
विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, अनुशासन और श्रम के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने के लिए अब हरियाणा के स्कूली पाठ्यक्रम में ‘श्रमदान’ को भी शामिल किया जाएगा। इसके तहत छात्रों को स्कूल परिसर की साफ-सफाई, बागवानी और पर्यावरण संरक्षण जैसे रचनात्मक कार्यों से जोड़ा जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बन सकें। मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री की इस संयुक्त बैठक में लिए गए फैसलों का उद्देश्य राज्य की स्कूली शिक्षा को अधिक अनुशासित, व्यावहारिक और छात्र-केंद्रित बनाना है।
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