शाहाबाद। दिल्ली–चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर सीएम नायब सैनी के क्षेत्र में रविवार को महज 12 घंटे के भीतर चार भयावह सड़क हादसे हो गए। इन दुर्घटनाओं में दो लोगों की दर्दनाक मौत हुई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर के बाद वाहन इतने क्षतिग्रस्त हुए कि शवों को निकालने के लिए पुलिस को कटर और हाइड्रोलिक हेड्रा की मदद लेनी पड़ी।
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पहली दुर्घटना शनिवार रात करीब 8 बजे शाहाबाद थाना परिसर के सामने हुई। पंक्चर होने के कारण एक ट्रक बिना किसी चेतावनी संकेत के हाईवे पर खड़ा था। पीछे से आ रहे कैंटर ने ट्रक में जबरदस्त टक्कर मार दी जिससे केबिन पूरी तरह से चकनाचूर हो गया। चालक को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया, जबकि सहायक आकाश का शव केबिन में बुरी तरह फंसा रहा। कटर से ट्रक काटकर उसे बाहर निकाला गया, जिसमें लगभग एक घंटा लग गया।
दूसरा हादसा रविवार सुबह छह बजे धंतौड़ी गांव के पास हुआ। सड़क पर खड़े ट्रक में करनाल की ओर से आ रही कार पीछे से जा भिड़ी। कार में सवार बिजली निगम कर्मचारी जितेंद्र ड्राइवर सीट पर ही फंस गए। हेड्रा की मदद से कार काटकर उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
तीसरी दुर्घटना शनिवार रात करीब 9 बजे रणजीत नगर कॉलोनी के सामने हुई। पिपली से शाहाबाद जा रहा एक टैंपो टायर फटने के बाद अनियंत्रित हो गया और सामने से आ रही कार से टकरा गया। टक्कर में दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और कार सवार तीन लोग घायल हुए। घायलों को सीएचसी शाहाबाद भेजा गया।
चौथा हादसा शनिवार देर रात 11 बजे मीरी-पीरी अस्पताल के पास हुआ। एक कार ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल बाइक चालक को राहगीरों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने सभी स्थानों पर पहुंचकर जाम खुलवाया और मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए।