हिमाचल डेस्कः शिमला के मंदिर चैत्र नवरात्र के लिए सजावट शुरू कर चुके हैं। यह नौ दिवसीय पर्व 19 मार्च से 27 मार्च तक चलेगा। नवरात्र के लिए शिमला शहर के मंदिर सजना शुरू हो गए हैं। पहले नवरात्र पर मां शैलपुत्री की पूजा और घटस्थापना की जाती है।
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महत्वपूर्ण तिथियां और पूजा
नवरात्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से शुरू होते हैं, जो 19 मार्च सुबह 6:54 बजे आरंभ होकर 20 मार्च सुबह 4:51 बजे समाप्त होगी। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा और घटस्थापना होगी।
19 मार्च: मां शैलपुत्री
20 मार्च: मां ब्रह्मचारिणी
21 मार्च: मां चंद्रघंटा
22 मार्च: मां कुष्मांडा
23 मार्च: मां स्कंदमाता
24 मार्च: मां कात्यायनी
25 मार्च: मां कालरात्रि
26 मार्च: मां महागौरी (रामनवमी)
27 मार्च: मां सिद्धिदात्री
घटस्थापना के दो शुभ मुहूर्त हैं: सुबह 6:54 से 7:58 बजे और दोपहर 12:05 से 12:53 बजे। पहले दिन मीन राशि में चतुर्ग्रही योग बनेगा।
प्रमुख मंदिर और व्यवस्थाएं
तारादेवी, कालीबाड़ी, बीसीएस तारामाता और ढींगू माता मंदिर सहित सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहेगी। पुराने बस अड्डे से तारादेवी के लिए विशेष बसें चलेंगी। सभी मंदिर सुबह 6 बजे खुलेंगे। कालीबाड़ी में सुबह 7 बजे के बाद घटस्थापना, तारादेवी में 11 बजे के बाद कलश स्थापना होगी। सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस और बसें होंगी।
भंडारे की वैकल्पिक व्यवस्था
व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कमी के कारण मंदिरों में डीजल भट्टियां और लकड़ियां व्यवस्थित की गई हैं।
तारादेवी: रोजाना भंडारा लकड़ियों से।
बीसीएस तारामाता: 5 डीजल भट्टियां।
कालीबाड़ी: अंतिम तीन दिन भंडारा, भक्त योगदान दे सकते हैं।
पंडित उमेश नौटियाल के अनुसार, इस वर्ष राजयोग, सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे शुभ योग हैं। मां का आगमन डोली पर होगा।
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