हिमाचल डेस्कः प्रदेश के चंबा जिले में एक बार फिर बड़ा हादसा टल गया। चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मैहला पुल के समीप सवारियों से भरी एक निजी बस पर अचानक पहाड़ी से भारी पत्थर आ गिरे। बस पर पत्थर गिरने से यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। गनीमत यह रही कि इस भयावह घटना में सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।
चंबा से लिल्ह की ओर जा रही थी निजी बस
जानकारी के अनुसार, निजी बस अपने निर्धारित रूट चंबा से लिल्ह की ओर जा रही थी। जैसे ही बस मैहला पुल के पास पहुंची, अचानक पहाड़ी से एक बड़ा पत्थर लुढ़कता हुआ आया और बस के शीशे से टकरा गया। पत्थर गिरने की तेज आवाज से बस में बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे के समय बस में करीब 30 यात्री सवार थे। अगर पत्थर गिरने की वजह से बस का संतुलन जरा सा भी बिगड़ता, तो वह रावी नदी में जा गिरती। बता दें सड़क की दूसरी ओर रावी नदी बह रही है।
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हादसा बेहद खतरनाक हो सकता थाः प्रत्यक्षदर्शी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा बेहद खतरनाक हो सकता था, लेकिन संयोगवश पत्थर बस के उस हिस्से से टकराया जहां ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। साथ ही चालक की सूझबूझ से बस अनियंत्रित होने से बच गई।
लापरवाही का आरोप
बस में सवार यात्रियों ने हादसे के लिए संबंधित ठेकेदार की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। यात्रियों का कहना है कि सड़क पर चल रहे सुरक्षा संबंधी कार्य के दौरान मानकों की अनदेखी की जा रही है। पहाड़ी से पत्थर गिरने का लगातार खतरा बना हुआ है, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।
क्या कहते हैं एनएच अधिकारी
राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग मंडल चंबा के अधिशासी अभियंता मीत शर्मा ने बताया कि बस पर पत्थर गिरने की सूचना मिली है। मामले को गंभीरता से लिया गया है और संबंधित ठेकेदार को जवाब तलब किया जाएगा, ताकि आगे ऐसी लापरवाही न हो।
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