Ivory smuggling gang busted : नोएडा। वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए उत्तर प्रदेश की कमिश्नरेट पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने हाथी दांत की अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
20 लाख के हाथी दांत संग दो आरोपी दबोचे गए
गुप्त सूचना के आधार पर थाना बिसरख पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा और उनके कब्जे से करीब 1 किलो 450 ग्राम वजन का हाथी दांत बरामद किया। यह कार्रवाई वन्यजीव अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है और मामले में तस्करी के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय ब्लैक मार्केट में अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपये है।
थैले में छिपाकर ले जा रहे थे हाथी दांत
पुलिस ने बताया कि वन विभाग और बिसरख थाना पुलिस को क्षेत्र में वन्यजीव उत्पाद की बड़ी डील होने की गोपनीय सूचना मिली थी। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए संयुक्त टीम ने न्यू हैबतपुर कब्रिस्तान के पास जाल बिछाया और वहां घूम रहे दो लोगों को घेराबंदी कर पकड़ लिया। जब टीम की ओर से दोनों की तलाशी ली तो उनके पास से थैले में छिपाकर रखा 1,450 ग्राम वजनी हाथी दांत बरामद हुआ।
दो राज्यों के शातिर तस्कर गिरफ्तार
पुलिस अभिरक्षा में लिए गए आरोपियों की पहचान बेहद शातिर पृष्ठभूमि के तस्करों के रूप में हुई है। इनमें पहला आरोपी राजेंद्र है, जो मूल रूप से जनपद बुलंदशहर के जहांगीराबाद के गांव रिवाड़ा का निवासी है। वह पहचान छिपाकर बहादुरगढ़ के गांव भराई में रह रहा था। वहीं, दूसरे आरोपी की पहचान संदीप के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बस्ती के रुधौली के मुडियार गांव का रहने वाला है और वर्तमान में गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी में था।
हाथी दांत के स्रोत और खरीदार की तलाश
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त विंग यह कड़ाई से पता लगाने में जुटी है कि आखिर यह हाथी दांत किस राज्य या जंगल से शिकार कर लाया गया था और दिल्ली-एनसीआर में इसे किस रईस या अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट को सप्लाई किया जाना था। इस काले कारोबार से जुड़े अन्य मुख्य सरगनाओं और संभावित बैकएंड नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
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