अंबाला। अब प्रदेश की सड़कों पर वाहन चलाना मुश्किल हो जाएगा। इसका कारण पेट्रोल और डीजल के दामों में इजाफा है। ये आदेश केंद्र सरकार के फैसले के बाद आए हैं।
प्रदेश के सभी जिलों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग तीन रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोत्तरी का आम आदमी पर असर पड़ेगा। इस इजाफे के कारण इस इंधन पर चलने वाले वाहनों के किराए भी बढ़ जाएंगे। इससे सड़कों पर चलना भी महंगा होने की आशंका है। केवल पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि पर्यावरण अनुकूल ईंधन माने जाने वाली सीएनजी के दाम भी 2 रुपये प्रति किलो बढ़ गए हैं। इससे ऑटो और टैक्सी चालकों में भारी रोष है। प्रदेश के कुछ जिलों में पेट्रोल की कीमतें अब शतक के नजदीक हैं।
फतेहाबाद में नई दरें लागू होने के बाद पेट्रोल 99.40 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है। डीजल की बात करें तो अधिकतर शहरों में इसने 90 रुपये का मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर लिया है। गुरुग्राम, फरीदाबाद और अंबाला जैसे व्यापारिक केंद्रों में भी कीमतों में उछाल आने से ट्रांसपोर्टरों ने माल ढुलाई की दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। अगर कीमतें इसी तरह स्थिर रहीं या और बढ़ीं, तो आने वाले दिनों में फल, सब्जी और दूध जैसी जरूरी चीजों की कीमतों में भी तेजी देखी जा सकती है।
हरियाणा एक कृषि प्रधान राज्य है और इस समय खेतों में मशीनरी का उपयोग चरम पर है। डीजल के दामों में तीन रुपये की बढ़ोतरी किसानों के लिए किसी झटके से कम नहीं है। ट्रैक्टर से लेकर सिंचाई पंपों तक, हर जगह डीजल की खपत होती है, जिससे खेती की लागत बढ़नी तय है। दूसरी ओर, लॉजिस्टिक्स हब होने के नाते हरियाणा से गुजरने वाले ट्रकों और कमर्शियल वाहनों का खर्च बढ़ने से थोक बाजार में भी हलचल तेज हो गई है।
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